गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।
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रोहतक में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक शुक्रवार को विकास भवन में हुई। गृह मंत्री अनिल विज ने बैठक की अध्यक्षता की और 25 परिवादों की सुनवाई की। इनमें से कुछ का मौके पर निदान किया। जबकि कुछ मामलों की जांच का आदेश दिया और कुछ मामले अगली सुनवाई पर हल करने का आश्वासन दिया।
गृह मंत्री ने तल्ख तेवर दिखाते हुए काम में लापरवाही बरतने पर जनस्वास्थ्य विभाग के जेई, पीसीआर के दो जवान व सुखपुरा चौकी के पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया। यही नहीं, जनता के काम न होने पर अधिकारियों को हड़काते हुए उनकी बात सुनने की भी हिदायत दी। परिवेदना समिति की बैठक में शुक्रवार को 25 मुद्दे रखे गए। इनमें से ज्यादा सीवरेज व पेयजल के मुद्दे थे।
विभाग की लचर व्यवस्था के चलते चरमराई सीवरेज व पेयजल व्यवस्था के लिए गृह मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। जनस्वास्थ्य विभाग के एक जेई को काम खत्म होने से पहले लोगों से संतुष्टि पत्र लिखने पर निलंबित कर दिया। जबकि भ्रष्टाचार के एक मामले में परिवार के पास देर रात नोटिस देने वाले पीसीआर के दो पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया।
पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सिविल सर्जन को पेयजल के सैंपल लेने व सैंपल फेल मिलने पर संबंधित विभाग या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का भी आदेश दिया। यही नहीं, पावर हाउस चौक इलाके के एक वकील की शिकायत पर उसी रात कार्रवाई न करने पर सुखपुरा चौकी के पूरे स्टाफ को भी निलंबित कर दिया गया। साथ ही इन मामलों की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच का भी आदेश दिया।
सुखपुरा चौकी के स्टाफ को अभी निलंबित नहीं किया गया है। परिवेदना समिति की बैठक के बाद अधिकारियों ने गृह मंत्री से मुलाकात कर उन्हें मामले से अवगत कराया गया। इस मामले की जांच की जा रही है। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रवींद्र, डीएसपी मुख्यालय।