हरियाणा सरकार ने बायोमेट्रिक हाजिरी न लगाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। कोविड के बाद पांच अप्रैल से दोबारा शुरू की गई इस हाजिरी को गंभीरता से न लेने पर कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकतम हाजिरी दर्ज करने वालों को सरकार सम्मानित करेगी।
शुक्रवार को मुख्य सचिव संजीव कौशल ने विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर बायोमेट्रिक हाजिरी की समीक्षा की। कौशल ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी, कर्मचारी आधार आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी अवश्य दर्ज करें। इससे कार्यवधि का नियमित रिकॉर्ड एवं निगरानी संभव हो सकेगी। सरकार का सिद्धांत है कि अच्छा काम करने वालों को पुरस्कृत करेंगे और हीलाहवाली करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सभी बायोमेट्रिक हाजिरी को गंभीरता से लें। एक सप्ताह में कई विभागों की हाजिरी का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। कुछ विभागाध्यक्षों ने अवगत करवाया कि हाजिरी दर्ज करने में कुछ तकनीकी खामियां आ रही हैं। इन्हें अति शीघ्र दूर कर दिया जाएगा ताकि हाजिरी दर्ज करते समय कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने अधीनस्थ कार्यालयों में सभी कर्मचारियों से शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करें। जल्दी दोबारा से हाजिरी की समीक्षा की जाएगी। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास, प्रशासनिक सुधार विभाग के आयुक्त पंकज अग्रवाल, हारट्रोन के प्रबंध निदेशक मनदीप सिंह बराड़, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. वीना सिंह उपस्थित रहे।