सरकार ने विधानसभा में संशोधन कर पंजाब के स्थान पर हरियाणा शब्द डाल दिया था। ताजा संशोधन के बाद अब प्रदेश में 21 साल की आयु के युवाओं को शराब पीने के साथ ही देसी शराब या नशीली दवाओं के निर्माण, थोक या खुदरा बिक्री के लिए लाइसेंस मिल सकेगा। इससे पहले आबकारी कानून की धारा 29, 25 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को शराब या नशीली दवा बेचने, वितरित करने के लिए प्रतिबंधित करती थी।
संशोधन से पूर्व आबकारी कानून की धारा 30 में प्रावधान था कि 25 वर्ष से कम आयु के किसी भी पुरुष या महिला को कोई व्यक्ति ऐसी नौकरी में नहीं रखेगा, जिसके पास परिसर में उपभोग के लिए शराब या नशीली दवा बेचने का लाइसेंस हो। इसमें भी संशोधन कर नौकरी देने की उम्र घटाकर 21 वर्ष कर दी गई है।
धारा 62 में प्रावधान था कि यदि कोई लाइसेंस प्राप्त विक्रेता, उसका कर्मचारी या कार्य करने वाला कोई व्यक्ति 25 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को शराब या नशीली दवा बेचता व वितरित करता है, तो अन्य दंड के अलावा उस पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता था। अब इसमें इस धारा में भी 21 वर्ष की आयु तक शराब या नशीली दवा बेच या वितरित कर सकेंगे।