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मैग्जीन में छपे विवादित विज्ञापन पर बवाल के बाद हरियाणा सरकार का यू टर्न

Thu, 29 Jun 2017 09:13 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सरकार ने मैगजीन में छाप दिया विवादित विज्ञापन
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पहले तो सरकार ने मैग्जीन में विवादित विज्ञापन छाप दिया। उस पर बवाल हो गया तो फिर यूटर्न लेते हुए पल्ला झाड़ लिया। दरअसल, हरियाणा सरकार ने अपनी कृषि संवाद पत्रिका में एक महिला की तस्वीर छापी। महिला ने घूंघट निकाल रखा है और वह सिर पर चारा रखकर ले जा रही है। इस तस्वीर को कैप्शन दिया गया- 'घूंघट की आन-बान, म्हारे हरियाणा की पहचान'। इस पर जमकर विवाद हो रहा है।
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वहीं बवाल के बाद अब सरकार के प्रवक्ता जवाहर यादव सफाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह विज्ञापन बिना जांच पड़ताल के छाप दिया गया है। सरकार भी इसकी निंदा करती है और मामले की पूरी जांच की जाएगी।

खेल मंत्री अनिल विज ने भी कहा कि भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रतिबद्ध है। घूंघट रखना जरूरी नहीं है और हम इसे प्रोत्साहन नहीं देते। हालांकि एक सच ये भी है कि प्रदेश में कई जगहों पर घूंघट का रिवाज चलन में है, और उस पर भी ऐतराज नहीं कर सकते। बावजूद इसके सरकार देखेगी कि यह विज्ञापन किस संदर्भ में छापा गया है।
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पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा और सुरजेवाला ने उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा
सवाल उठाते हुए कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि यह कैप्शन भाजपा सरकार की पिछड़ी सोच को दिखाता है, जबकि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण की बातें भी करती है।

मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा कि इसी हरियाणा की फोगाट बहनों ने इंटरनेशनल लेवल पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इसी राज्य की बेटी मानुषी छिल्लर हाल ही में मिस इंडिया 2017 बनी है। इसी राज्य की बेटी कल्पना चावला अंतरिक्ष तक पहुंच गई।

दरअसल, हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या काफी कम है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, राज्य में 1000 पुरुषों पर सिर्फ 879 महिलाएं हैं। ऐसे में सरकार के इस विज्ञापन ने विवाद खड़ा कर दिया। विपक्ष का कहना है कि राज्य में वैसे ही महिलाओं की दशा खराब है और सरकार ऐसे विज्ञापनों के जरिए घूंघट जैसी कुरीति को बढ़ावा दे रही है।
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