पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में दोषी करार डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सजा सुनाने को लेकर सरकार की ओर से दायर याचिका पर विशेष सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। हरियाणा सरकार के आग्रह पर पंचकूला डिस्ट्रिक्ट अटार्नी पंकज गर्ग ने यह याचिका मंगलवार को दायर की थी। कोर्ट ने दोपहर करीब दो बजे याचिका पर सुनाई की और फैसला 16 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
बुधवार को कोर्ट का फैसला आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हत्याकांड के दोषियों को सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनाई जाएगी या फिर उन्हें कोर्ट के समक्ष पेक्ष किया जाएगा। सीबीआई कोर्ट में छत्रपति हत्याकांड मामले में दो जनवरी को बहस पूरी हो चुकी थी। इसमें राम रहीम को 11 जनवरी को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिया था। इसके बाद हरियाणा सरकार की ओर से चार जनवरी को कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी कि राम रहीम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जाए।
इस पर सुनवाई करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने आठ जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपी राम रहीम को 11 जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया था। बाकी अन्य तीनों आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया था। 11 जनवरी को गुरमीत राम रहीम सहित कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को हत्या, आर्म्स एक्ट और साजिश रचने के जुर्म में दोषी करार दिया था।
इसमें दोषी राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी। इसके अलावा आरोपी निर्मल सिंह, कृष्ण लाल और कुलदीप को दोषी करार दिए जाने के बाद अंबाला जेल भेज दिया गया था। राम रहीम को अब 17 जनवरी को सजा सुनाई जानी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोषी गुरमीत राम रहीम की पेशी के लिए हरियाणा सरकार के आग्रह पर पंचकूला डिस्ट्रिक अटार्नी पंकज गर्ग ने अर्जी दायर की थी।
हरियाणा सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया था। गृहसचिव एसएस प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया था। मीटिंग में सर्वसम्मति से यह राय बनी थी कि सीबीआई कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाने का अनुरोध करें।