माउंट एवरेस्ट फतेह करके सब्जियां बेचकर गुजर बसर करता था। जैसे तैसे करके हाईकोर्ट ने नौकरी दिला दी, लेकिन अब सरकार दुश्मन बन गई है। दरअसल, हरियाणा सरकार ने पर्वतारोही रामलाल को डीएसपी का पद खाली न होने पर पहले एसआई की नौकरी थमा दी और अब 21 लाख इनाम के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को इस मामले में तत्काल कोई राहत न देते हुए पूछा कि आदेशों को चुनौती देने में इतनी देरी क्यों की गई। इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के सामने याचिका में रामलाल ने आरोप लगाया था कि माउंट एवरेस्ट पर फतह किया था और इसके बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे नौकरी नहीं दी।
याची ने कहा था कि उसकी दो साथी अनीता और कांता देवी, जिन्होंने याची के साथ ही एवरेस्ट फतेह किया था, उन्हें हरियाणा पुलिस में नौकरी दी जा चुकी है। रामलाल ने वर्ष 2013 में अपनी दो साथियों अनीता और कांता के साथ एवरेस्ट फतेह कर वहां तिरंगा लहराया था।
इस पर हुडा सरकार ने अनीता और कांता को पुलिस में एसआई के पद पर नौकरी दे दी। परंतु रामलाल को न तो कोई नौकरी दी गई न ही कोई इनाम।