सीएम ने एक-एक व्यापारी से उनकी परेशानी पूछी और समाधान का भरोसा दिया। बैठक से डीसी और एसपी से लेकर भाजपा के पदाधिकारियों तक को बाहर कर दिया गया था। केवल जीएसटी के अतिरिक्त सचिव संजीव कौशल और स्टेट जीएसटी उपायुक्त के बोडवाल को शामिल होने की अनुमति दी गई। बैठक शुरू होने तक सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व सांसद अरविंद शर्मा मौजूद रहे लेकिन बाद में वे हिमाचल के राज्यपाल रहे आचार्य देवव्रत के साथ कार्यक्रम में चले गए।
यह कदम उठाएगी सरकार
- जो व्यापारी टैक्स देता है, उसका 5 लाख से 50 लाख तक का बीमा कराएगी सरकार।
- हर जिले में गठित होगी व्यापारी कल्याण सलाहकार समिति।
- लघु उद्योग व 20 से 40 लाख तक का सालाना कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए जीएसटी के नियमों को सरल किया जाएगा।
- 5 करोड़ तक के कारोबारी को हर माह जीएसटी रिटर्न भरना पड़ रहा है। केंद्र सरकार को अर्जी भेजकर रिटर्न तिमाही कराने का प्रयास होगा।
- व्यापारियों को जीएसटी से जुड़े पुराने मामलों को 31 जुलाई तक हल करवाना था। अब उसकी तिथि 31 दिसंबर करवाई जाएगी।
- ट्रांसपोर्ट नगर या काठमंडी के लिए तय कामर्शियल प्लाटों का रेट कम कराने का प्रयास होगा।
- वक्फ बोर्ड की संपत्ति से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से सुलझाया जाएगा।
हर वर्ग की दिक्कतों को दूर कर रहे: सीएम
व्यापारियों की मीटिंग पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि गुरुग्राम में ईंट-भट्ठे से जुड़े कारोबारियों की मीटिंग ली थी। अब रोहतक में छोटे व्यापारियों की परेशानियों को समझा है। इन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। कपड़ा, प्लाई, ऑटो, सीमेंट कारोबार सहित दूसरे व्यापारियों ने अपनी बात रखी है। व्यापारियों का जल्द ही बीमा कराएंगे। इसे आप विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख सकते हैं।
जब सीएम ने जैन को टोक दिया
हुआ यूं मीटिंग में व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन शिव कुमार जैन ने सीएम, सांसद व मंत्री का स्वागत किया। इसके बाद बोले कि अब व्यापारी अपनी बातें एक-एक करके सीएम के सामने रखेंगे। ऐसा कहते ही सीएम ने कहा कि यह करने के लिए आपको किसने बोला। मैं खुद एक-एक व्यापारी से सीधी बात करूंगा।