विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा सरकार ने एसवाईएल को पूरा करवाने की जिम्मेदारी केंद्र के पाले में डाल दी है।
सोमवार को सदन में संसदीय कार्य मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एसवाईएल के निर्माण का प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव का सभी सदस्यों ने स्वागत किया लेकिन क्रेडिट लेने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष में काफी देर तक तनातनी चलती रही।
भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने इस मामले में सभी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाने की मांग की। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित होने के बाद ससंदीय कार्यमंत्री ने इसका अधिकार विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा को दिया। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही विधायकों का एक प्रतिनिधमंडल बनाकर प्रधानमंत्री से मिलने का समय लेंगे।
तमिलनाडु बनाम केरल एवं अन्य के मामले में 7 मई, 2014 को सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक बेंच द्वारा दिए गए निर्णय का आधार मान हरियाणा विधानसभा ने अध्यादेश पारित करते हुए केंद्र सरकार से आग्रह किया कि प्रदेश के लोगों को एसवाईएल के पानी का न्यायोचित हिस्सा बहाल करने और इस पानी की उम्मीदों को पूरा करने के उद्देश्य से एसवाईएल नहर का निर्माण कार्य अपने हाथों में लेकर इसका निर्माण सुनिश्चित करें।
पंजाब से सहयोग का आग्रह
सदन ने केंद्र सरकार से हरियाणा के लोगों के एसवाईएल के पानी का न्यायोचित हिस्सा बहाल करने तथा इस पानी की उम्मीदों को पूरा करने के उद्देश्य से एसवाईएल नहर का निर्माण कार्य अपने हाथों में लेकर इसका निर्माण सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम निर्णय दिनांक 7.5.2014 के दृष्टिगत दिनांक 4.6.2004 के निर्णय में निहित निर्देश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। इसके अलावा सदन ने पंजाब सरकार से भी उसके क्षेत्र में एसवाईएल के निर्माण में पूरा सहयोग करने का आग्रह किया है।