हरियाणा में बिजली संकट से जल्द राहत मिलने के आसार हैं। हरियाणा सरकार और अदाणी कंपनी के बीच 2.94 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद पर सहमति बन गई है। संभावना है कि इसी सप्ताह 1050 मेगावाट बिजली आपूर्ति मिलने लगेगी। वहीं, बिजली विभाग ने उद्योगों को कटों से राहत देने के लिए फैसला लिया कि कृषि क्षेत्र को रात को दी जाने वाली 400 मेगावाट बिजली की दिन में आपूर्ति की जाएगी।
रात के समय जो अतिरिक्त बिजली होगी उसे उद्योगों को दिया जाएगा। इस समय प्रदेश में बिजली की मांग 9500 मेगावाट और आपूर्ति 7500 मेगावाट है। रात को 2000 हजार मेगावाट तक बिजली की कमी रहती है। फिलहाल उद्योगों में रात 8 बजे से लेकर 4 बजे तक का कट लगाया जा रहा है।
हिसार के खेदड़ प्लांट की बंद चल रही यूनिट नंबर 2 को भी जल्द चलाया जाएगा। चीन की कंपनी ने जल्द रोटोर उपकरण भेजने का भरोसा दिया है। रोटोर आते ही खेदड़ प्लांट की यूनिट चालू हो जाएगी और 600 मेगावाट बिजली और अतिरिक्त मिल सकेगी। विभाग ने 500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदने के लिए दोबारा से एचईआरसी में पुर्नविचार याचिका दायर की है।
अदाणी से घरेलू कोयला उत्पादित बिजली लेगा प्रदेश
अदाणी पावर और हरियाणा सरकार के बीच चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। दोनों में 1050 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए सहमति बन गई है। इसकी दर पहले वाली 2.94 रुपये प्रति यूनिट ही रहेगी। पीपीए (पावर परचेज एग्रीमेंट) के अनुसार ऊर्जा शुल्क क्रमश: घरेलू और आयातित कोयले पर आधारित अनुबंधित क्षमता के 70:30 अनुपात पर आधारित हैं।
इसलिए फैसला किया है कि एपीएल घरेलू कोयले पर आधारित लगभग 70 प्रतिशत बिजली देगा और आयातित कोयले के आधार पर 30 प्रतिशत अनुबंधित क्षमता को हरियाणा छोड़ देगा। गौर हो कि 23 अप्रैल को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एपीएल के निदेशक राजेश अदाणी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल सरदाना के साथ इस मुद्दे को सुलझाने के लिए बैठक की थी।
9.50 लाख टन विदेशी कोयले के लिए लगाया टेंडर
कोयले की कमी को पूरा करने के लिए इस बार हरियाणा सरकार ने 9.50 लाख टन विदेशी कोयला खरीदने के लिए भी टेंडर आमंत्रित किए हैं। केंद्र के आदेश पर ऐसा किया गया है ताकि घरेलू कोयले की कमी को पूरा किया जा सके। बता दें कि इस समय प्रदेश को 8 रैक कोयले की जरूरत है, लेकिन केंद्र से 6 रैक ही मिल पा रहे हैं। इस मामले को लेकर विभाग केंद्र को पत्र लिख चुका है। साथ ही खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल केंद्रीय बिजली मंत्री से मुलाकात भी कर चुके हैं।
अब कृषि क्षेत्र में रात के बजाय दिन में बिजली दी जाएगी। अडाणी कंपनी से सहमति बन चुकी है और आगामी कुछ दिनों में 1050 मेगावाट बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद से उद्योगों को बिजली सुचारू दी जाएगी। - पीके दास, एसीएस, बिजली विभाग।