हरियाणा सरकार ने ‘दिव्यांगों के लिए अनुकूल गृह’ योजना शुरू की है। दिव्यांगों के यूनिवर्सल आईडी के लिए हरियाणा को एक पायलट स्टेट के रूप में चुना गया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश में शुरू की गई ‘दिव्यांगों के लिए अनुकूल गृह’ योजना के अंतर्गत दिव्यांगों को अपनी विशेष जरूरतों के अनुसार अपने घरों को अनुकूल बनाने के लिए छह महीने की पेंशन अग्रिम रूप में दी जाएगी।
यह राशि 42 महीनों की अवधि में वसूल की जाएगी। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर, कुष्ठ रोग से ठीक हुए सभी 431 परिवारों को दिव्यांग जन सहायता योजना के अंतर्गत ‘दैनिक जीवनयापन गतिविधि किट’ दी गई। इसमें प्रत्येक चयनित परिवार के लिए एक विशेष मोबाइल फोन शामिल है।
जैन ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से हरियाणा को पायलट स्टेट के रूप में चुने जाने के बाद इस संबंध में काम शुरू हो चुका है। गुड़गांव और फरीदाबाद जिलों को सुगम भारत अभियान के लिए चुना गया है।
उन्होंने बताया कि सभी नगरपालिकाओं को दिव्यांग जनों के लिए सुगम भारत अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। परित्यक्त और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए एक गैर-सरकारी संस्था-अर्थ सेवियर्स के सहयोग से गांव बंधवाड़ी गुड़गांव में एक गृह स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा श्रवण बाधित बच्चों की खुराक राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति मास की गई है और नेत्रहीनों के लिए यह राशि 600 रुपये प्रति मास से बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति मास की गई है।
बहुक्षेत्रीय विकास योजना के अंतर्गत, दो वर्षों के अंतराल के बाद प्रदेश में 25 प्रतिशत से अधिक की अल्पसंख्यक आबादी वाले 6 जिलों के 15 खंडों में विभिन्न परियोजनाओं के लिए 24 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।