पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी के सदस्य केके मिश्रा।
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हरियाणा स्टेट पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी अब डीएसपी से लेकर डीजी स्तर तक के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आने वाली शिकायतों की सुनवाई करेगी। इस अथॉरिटी में प्रदेश की जनता अधिकारियों की भी शिकायत कर सकेगी। आईएएस रामनिवास के निधन के बाद से अथॉरिटी का कामकाज सुस्त चल रहा था। अब एक्ट में संशोधन के बाद अथॉरिटी की शक्तियां बढ़ गई हैं। साथ ही यहां बैठने वाले अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए स्टाफ बढ़ाने की कवायद चल रही है।
2006 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सभी राज्यों में जिला और राज्य स्तर पर अथॉरिटी के गठन के लिए कहा गया था। जिसके बाद हरियाणा में राज्य स्तर पर अथॉरिटी का गठन कर दिया गया है। पिछले दिनों सरकार ने नवराज संधू को यहां चेयरपर्सन लगाया है। जबकि सेवानिवृत्त आईपीएस केके मिश्रा और सेवानिवृत्त आईएएस आरसी वर्मा को अथॉरिटी का सदस्य नियुक्त किया है।
हरियाणा पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी शिकायतों की जिलेवार वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करेगी। फिलहाल शिकायत करने वालों को अपनी शिकायत मेल से या डाक से शपथपत्र लगा कर देगी होगी। अथॉरिटी जांच के बाद दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश सरकार को करेगी।
इन मामलों की करेगी सुनवाई
केके मिश्रा ने बताया कि अथॉरिटी में पुलिस के खिलाफ आने वाली शिकायतों में दुष्कर्म या दुष्कर्म की कोशिश, पुलिस हिरासत में मृत्यु, गंभीर चोट, बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में रखना, जबरदस्ती वसूली करना, किसी की जायदाद को हड़पना, पुलिस कर्मचारी का संगठित अपराध में शामिल होना, दस साल या इससे ज्यादा सजा वाले अपराध में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करना शामिल है।
स्वत: संज्ञान भी ले सकती है अथॉरिटी
अथॉरिटी मीडिया रिपोर्ट व अन्य संचार माध्यमों से आ रही रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्वत: संज्ञान भी ले सकती है। हालांकि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी। डीएसपी स्तर के अधिकारी को अथॉरिटी की तरफ से जांच के लिए तैनात किया जाएगा, जबकि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की शिकायत पर जांच अथॉरिटी के सदस्य खुद करेंगे।