खाली रह सकती हैं सीटें
आयोग के अधिकारियों का कहना है कि संशोधित परिणाम के बाद भी काफी संख्या में सीटें खाली रह सकती हैं। आवेदकों में आईटीआई से कोर्स करने वालों की संख्या कम है, क्योंकि प्रतीक्षा सूची में भी 54 अभ्यर्थी केयू से कोर्स वाले हैं। बता दें कि इस परीक्षा में पहले ही ये शर्त थी कि जनरल अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा में 50 प्रतिशत, बीसी को 45 और एससी वर्ग के अभ्यर्थी को 40 प्रतिशत अंक लेने होंगे। इसके बाद ही वह साक्षात्कार तक पहुंच सकेगा।
2006 से कई बदले घटनाक्रम
वर्ष 2007 में यह भर्ती निकाली, भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार मानक तक किए लेकिन 2008 में लिखित परीक्षा रद्द कर दी और साक्षात्कार के आधार पर चयन किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से दूरवर्ती माध्यम से कोर्स वालों को मान्य किया तो आईटीआई वाले हाईकोर्ट चले गए।
भर्ती नियम बदलने को भी चुनौती दी गई तो मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। एचएसएससी ने 14 नवंबर को भर्ती का परिणाम घोषित कर दिया। इसमें 613 वे अभ्यर्थी भी शामिल थे, जिन्होंने केयू से कोर्स किया है। आईटीआई पास युवक की याचिका पर 24 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कोर्स करने वालों को इस भर्ती के लिए अयोग्य करार दिया।
इसी सप्ताह भर्ती का परिणाम जारी किया जाएगा। इससे पहले, आयोग ने कानूनी राय भी ली है और हरियाणा सरकार से भी इसकी मंजूरी ली है। संशोधित परिणाम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डिप्लोमा करने वालों को बाहर किया जाएगा। परिणाम के बाद जल्द ही इनकी नियुक्ति भी कराई जाएगी। - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।