सरकारी विभागों में लोगों के कामकाज बिना वजह न लटके रहे, इसके लिए हरियाणा सरकार और ज्यादा गंभीर हो गई है। कोई भी अफसर व क्लर्क मनमर्जी करते हुए फाइलें नहीं रोक पाएंगे। यदि ऐसा हुआ तो शिकायत होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसी दिशा में हरियाणा सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कार्य कुशलता को बढ़ाने के मद्देनजर लंबित विचाराधीन दस्तावेज और फाइलों को जल्द से जल्द से निपटाने के लिए समयसीमा निर्धारित की है।
मुख्य सचिव कार्यालय ने इस संदर्भ में राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड, निगम के प्रबंध निदेशकों के साथ-साथ मुख्य प्रशासकों को निर्देश जारी किए हैं। प्रपत्र में कहा गया है कि विचाराधीन कागजों (पीयूसी) पर यदि तुरंत मार्क किया जाता है तो उसे एक कार्य दिवस में निपटाना होगा। यदि अति आवश्यक मार्क दिया गया है तो उसे कुल तीन कार्य दिवस में निपटाना होगा।
इसी प्रकार यदि विचाराधीन कागज (पीयूसी) पर सामान्य है तो उसे कुल पांच कार्य दिवस में निपटाना होगा। अमूमन देखने में आता है कि हरियाणा सिविल सचिवालय और हरियाणा नव सचिवालय में कई कर्मचारी कार्य नियमों के अनुसार अपना कार्य समय पर नहीं निपटाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई सहयोगी कर्मचारी अपना कार्य निर्धारित समय में नहीं कर पाता है तो उस फाइल के अगले पड़ाव में आने वाले कर्मचारी को अनुपातिक रूप से कार्य को कम समय में निपटाना होगा।