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हरियाणा: नई आबकारी नीति को मंजूरी, शराब से कोविड सेस हटा, 500 करोड़ के आपात क्रेडिट फंड को मंजूरी

Thu, 22 Apr 2021 04:38 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

नई नीति 20 मई 2021 से 19 मई 2022 तक लागू रहेगी। इसमें शराब से कोविड सेस हटा लिया गया है।
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manohar lal
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विस्तार
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हरियाणा की मनोहर लाल सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में अनेक अहम निर्णय लिए हैं। सीएम की अध्यक्षता में चंडीगढ़ सिविल सचिवालय में गुरुवार को हुई बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। नई नीति 20 मई 2021 से 19 मई 2022 तक लागू रहेगी। इसमें शराब से कोविड सेस हटा लिया गया है। 
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मंत्रिमंडल ने कोरोना के मद्देनजर 500 करोड़ के आपात क्रेडिट फंड को मंजूरी दी है। नूंह का टोल प्लाजा बंद किया जाएगा। 20 साल से रह रहे कब्जाधारी कलेक्टर रेट पर जमीन को खरीद सकेंगे। मंत्रिमंडल बैठक के बाद सीएम मनोहर लाल ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल 20 एजेंडा पर चर्चा हुई। बेसहारा बच्चों के लिए हरिहर योजना लागू की जाएगी। 18 साल के बाद भी सरकार ऐसे बच्चों का पालन-पोषण करेगी। केवल पंजीकृत बच्चों को सुविधा मिलेगी। सरकार इन्हें रोजगार दिलाने का भी कार्य करेगी। 


मनोहर लाल ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन ट्रकों की आवाजाही को लेकर उनसे बात की है। उन्होंने दिल्ली को पूरी मदद देने का आश्वासन दिया है। ऑक्सीजन ट्रकों की आवाजाही में कोई दिक्कत नहीं होगी। अब ऑक्सीजन को लेकर कोई समस्या नहीं है, शुरुआत में कुछ दिक्कत रही। ऑक्सीजन का हर जगह अलग-अलग उत्पादन हो रहा है। हर राज्य को ऑक्सीजन का कोटा तय हुआ है। आज से ऑक्सीजन का रोस्टर बन गया है, अच्छी तरह वितरण हो ये प्लांट प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे। केजरीवाल ने सहयोग के लिए फोन पर उनका धन्यवाद किया है। 
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आबकारी नीति वर्ष 2021-22 स्वीकृत

  • वर्ष 2021-22 की आबकारी नीति को सभी हितधारकों की आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए तैयार किया गया है। नई आबकारी नीति 2021-22 की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं :-
  • वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति की अवधि 20 मई,2021 से 19 मई,2022 तक होगी। शराब के ठेके एक वर्ष (365 दिन) की अवधि के लिए आवंटित किए जाएंगे। 
  • सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 में शराब की बिक्री पर कोविड उपकर को बंद / समाप्त करने का निर्णय लिया है। कोविड महामारी को मद्देनजर रखते हुए अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करने के लिए 2020-21 में कोविड उपकर लगाया गया था।
  • वर्ष 2020-21 के सीएल (एल-14 ए) और आईएमएफएल (एल -2) जोन  के मौजूदा लाइसेंसधारकों को नीति वर्ष 2021-22 (यानी 20 मई,2021 से 19 मई,2022 तक) के लिए अपने लाइसेंस को नवीनीकृत करने का विकल्प दिया गया है। सीएल और आईएमएफएल ज़ोन के लाइसेंसों को वर्ष 2020-21 के लिए ‘बेस  लाइसेंस फीस / आनुपातिक लाइसेंस फीस, जैसा भी मामला हो’ पर 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ नवीनीकृत किया जाएगा। शेष जोन जिनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा, उनके लिए बोलियाँ आमंत्रित की जाएंगी। 
  • यदि वर्ष 2020-21 के मौजूदा लाइसेंसधारकों से सीएल (एल-14ए) और आईएमएफएल (एल-2) के जोन के ठेकों के नवीनीकरण के लिए पर्याप्त संख्या में आवेदन प्राप्त नहीं होते हैं तो सक्षम प्राधिकारी सभी जोन के ठेकों के लिए ई-बोली / ई-निविदा आमंत्रित कर सकते हैं। 
  • नीति वर्ष 2021-22 के दौरान, आईएमएफएस का कोटा 550 लाख प्रूफ लीटर से बढ़ाकर 625 लाख प्रूफ लीटर कर दिया गया है। आईएमएफएस के बढ़े हुए कोटे को शराब के ठेकों के सभी जोन के मूल कोटे में आनुपातिक रूप से जोड़ा जाएगा। देशी शराब के कोटे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। 
  • कोविड महामारी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की खुदरा दुकानों की बिक्री का समय अप्रैल से अक्तूबर तक प्रात: 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक और नवंबर से मार्च तक प्रात: 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। शहरी क्षेत्रों के मामले में, बिक्री समय वर्ष भर प्रात: 8 बजे से 12.00 (मध्य रात्रि) होगा। 
  • पेट्रोल में इथेनॉल के सम्मिश्रण और कृषि उपज के उचित उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए इथेनॉल आधारित डिस्टिलेशन प्लांट स्थापित करने के लिए नाममात्र शुल्क के साथ एक नया लाइसेंस (ई-3/ई-3 ए) शुरू किया गया है।
  • यदि किसी भी जोन में कोई ठेका या ठेके कोविड कंटेनमेंट जोन में आने के कारण बंद या लगातार बंद रखे जाते हैं तो लाइसेंस फीस और कोटे को ठेके के बंद होने के दिनों के अनुपात में आनुपातिक रूप से माफ कर दिया जाएगा। बंद ठेके के माफ किए जाने वाले आनुपातिक लाइसेंस फीस और कोटे की गणना के प्रयोजन के लिए ज़ोन के लाइसेंस फीस और कोटे को समान रूप से दोनों वेंडरों में विभाजित किया जाएगा। 
  • शराब की न्यूनतम खुदरा बिक्री कीमतों में नाममात्र वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।
  • देशी शराब, आईएमएफएस और बीयर पर निर्यात शुल्क कम किया गया है। बार लाइसेंस की फीस संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
  • आईएमएफएल और मेट्रो शराब की बोतलबंदी के लिए पीईटी (प्लास्टिक) बोतलों की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 जिला नूंह में टोल प्लाजा को बंद किया गया 

  • नूंह जिले में पुन्हाना से लकरपुर, श्री सिंगलहेड़ी, ठेंकड़ी, जलालगढ़, रानोटा-मानोटा से राजस्थान सीमा तक 12.65 किलोमीटर पर स्थापित टोल प्लाजा को हटाने का निर्णय।
  • टोल स्थापना के लिए अनिवार्य न्यूनतम संग्रहण मूल्य एक करोड़ रुपये की बजाय यहां टोल कर का वार्षिक संग्रहण 60 लाख रुपये से भी कम।
  •  होडल-नूंह-पटौदी-पटौदा सडक़ पर टोल प्लाजा-39 के वर्तमान संग्रह बिंदु को आरडी 6.000 से 7.500 पर स्थानांतरित करने की स्वीकृति।
‘नगर निकायों द्वारा दुकानों/ मकानों की बिक्री के लिए नीति’ लागू
  • नीति से नगर निकायों की बंद परिसंपत्तियों के विमुद्रीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा।  
  • नगर निकायों में दुकानों/ मकानों के रूप में बड़ी संख्या में ऐसी परिसंपत्तियां विद्यमान हैं जो 20 वर्षों से भी अधिक समय से अन्य संस्थाओं या व्यक्तियों के कब्जे में है। नगर निकायों को ऐसी परिसंपत्तियों के प्रबंधन में कठिनाई आ रही थी क्योंकि अनेक मामलों में ऐसी परिसंपत्तियों का स्वामित्व/कब्जा अनेक बार परिवर्तित हो चुका है और निकायों के पास संबंधित प्रमाणित दस्तावेजों का भी अभाव है।
  • नगर निकाय बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियों से किराया वसूलने में भी असमर्थ हैं। 
  • ऐसी परिसंपत्तियों का स्वामित्व ऐसे लोगों को ही हस्तांतरित किया जाएगा जिनके पास वर्तमान में ऐसी परिसंपत्तियों का न्यायोचित कब्जा है।
  • नगर निकायों की दुकानों / मकानों और अन्य परिसंपत्तियां, जो 20 वर्षों से भी अधिक समय से अन्य व्यक्तियों (नगर निकायों के अलावा) के पास हैं, को उन व्यक्तियों से संबंधित परिसंपत्तियों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
  • ऐसे व्यक्तियों को ऐसी संपत्तियां बेची भी जा सकती हैं।
  • यह नीति न केवल नगर निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि छोटे दुकानदारों और अन्य पट्टेदारों को उक्त संपत्तियों के स्वामित्व का अधिकार भी देंगी। 
  • एकल कब्जाधारक को भूमि पर बनाई गई पूरी संरचना और भूमि को  आधार दर पर हस्तांतरित किया जाएगा। 
  • जहां निर्मित संरचना दो मंजिला है  तो भूतल के कब्जाधारक के लिए प्रभार्य कीमत आधार दर का 60 प्रतिशत और प्रथम तल के कब्जाधारक के लिए आधार दर का 40 प्रतिशत होगी।
  • जहां निर्मित संरचना तीन मंजिला है तो भूतल के कब्जाधारक के लिए प्रभार्य कीमत आधार दर का 50 प्रतिशत, प्रथम तल के कब्जाधारक के लिए 30 प्रतिशत और द्वितीय तल के कब्जाधारक के लिए आधार दर का 20 प्रतिशत होगी। 

‘पॉलिसी फॉर ट्रांसफर ऑफ म्युनिसिपल लेंड बाई चार्जिंग कंसीडरेशन’ नीति लागू 

  •  इस नीति के लागू होने से नगर निकायों में नगर निकाय या निजी स्वामित्व वाली ऐसी भूमि जहां तक पहुंचने के लिए उचित मार्ग उपलब्ध नहीं है या जहां नगर निकाय की भूमि निजी व्यक्तियों की भूमि से घिरी है, को बेचना संभव हो सकेगा।
  •  यह नीति उन संपत्तियों / व्यक्तियों की श्रेणियों पर लागू होगी, जहाँ निजी व्यक्तियों या संस्थाओं के स्वामित्व वाली भूमि के लिए किसी कारण या अन्यथा कोई सम्पर्क सडक़ उपलब्ध नहीं है।
  •  जहां निजी व्यक्तियों या संस्थाओं के स्वामित्व वाली भूमि तक किसी कारण या अन्यथा अपर्याप्त सम्पर्क सडक़ या कम चौड़ी सडक़ उपलब्ध है।
  •  जहां नगर निकाय की भूमि किसी कारण या अन्यथा निजी व्यक्तियों या संस्थाओं के स्वामित्व वाली भूमि से घिरी है।
  •  जहां नीति के तहत कवर न होने के बावजूद भी नगर पालिका भूमि को निजी स्वामित्व या संस्थाओं की भूमि के साथ बदलने या उन्हें हस्तांतरित करने की आवश्यकता होगी।
  •  संबंधित नगर निकाय के स्वामित्व वाली भूमि के माध्यम से सम्पर्क सडक़ प्रदान करना संभव होगा तो संबंधित नगर निकाय हस्तांतरित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के बाजार दर के बराबर मूल्य निर्धारित कर सम्पर्क सडक़ के निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली भूमि उपलब्ध करवाएगा। 
  •  इसी प्रकार, सडक़ को चौड़ा करने के लिए नगर पालिका भूमि की बाजार दर पर मूल्य की वसूली करके व्यक्ति या संस्थान को भूमि हस्तांतरित की जाएगी।
  •  यदि नगर निकाय की भूमि निजी व्यक्ति या संस्था के स्वामित्व वाली भूमि से घिरी है और उसे हस्तांतरित किया जाना है तथा ऐसे हस्तांतरण पर किसी सार्वजनिक उद्देश्य से समझौता नहीं करना पड़ता है तो नगर पालिका भूमि की बाजार दर पर भूमि के मूल्य की वसूली करके व्यक्ति या संस्थान को भूमि हस्तांतरित की जाएगी। 
  •  यदि भूमि के ऐसे हस्तांतरण में सार्वजनिक उद्देश्य से समझौता करना पड़ता है तो ऐसे हस्तांतरण की स्वीकृति पूर्णत: सरकार के विवेकाधीन होगी और नीति के तहत सार्वजनिक उद्देश्य के उद्देश्यों को संरक्षित करते हुए ही कोई निर्णय लिया जाएगा। 
  •  जहां नीति के तहत कवर न होने के बावजूद भी नगर पालिका भूमि को निजी स्वामित्व या संस्थाओं की भूमि के साथ बदलने या हस्तांतरितकरने की आवश्यकता है, ऐसे मामलों में मामला दर मामला आधार पर व्यक्तिगत प्रस्ताव की मैरिट का आकलन करके निर्णय लिया जाएगा। 
  •  भूमि हस्तांतरण के निर्णय के कारणों को लिखित में रिकार्ड करना होगा।
  •  भूमि के बाजार दर पर भूमि का मूल्य वसूल करके ऐसे हस्तांतरण किये जाएंगे और सरकार का निर्णय अंतिम निर्णय होगा।

हरियाणा माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 और अन्य संबंधित मामलों के लिए मुख्यमंत्री को मंत्री परिषद के अधिकार
  • हरियाणा माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 और अन्य संबंधित मामलों के लिए मुख्यमंत्री को अगले छह महीनों के लिए मंत्री परिषद के अधिकार सौंपे गए हैं। 
  • जीएसटी से संबंधित नियमों, कर की दरों और अन्य प्रावधानों में संशोधन की आवश्यकता को मद्देनजर रखते हुए मुख्यमंत्री को मंत्री परिषद के अधिकार सौंपे जाना आवश्यक है। 
  • राज्य में 27 अप्रैल, 2021 के उपरांत हरियाणा माल एवं सेवा कर अधिनियम एवं नियम बनाने या संशोधन करने, उनके तहत संशोधन सहित कर की दर निर्धारित करने और अधिनियम 2017 के तहत सभी अन्य संशोधन, अधिसूचनाएं एवं आदेश जारी करने सहित माल एवं सेवा कर के क्रियान्वयन से संबंधित सभी मामलों के लिए मुख्यमंत्री को यह अधिकार सौंपे गए हैं।
  • टीजीटी अंग्रेजी के पद के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा (ग्रुप सी) राज्य काडर सेवा नियम, 2021 और मेवात जिला स्कूला शिक्षा (ग्रुप सी) सेवा नियम, 2021 में संशोधन को स्वीकृति।
  • हरियाणा अभियोजन विभाग लिपिकीय (समूह-ख) सेवा (संशोधित) नियम, 2020 को स्वीकृति 
  • न केवल कर्मचारी के हित में बल्कि विभाग का कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए हरियाणा अभियोजन विभाग लिपिकीय (समूह-ख) सेवा  नियम, 1997 में संशोधन करते हुए हरियाणा अभियोजन विभाग लिपिकीय (समूह-ख) सेवा (संशोधित) नियम, 2020 को स्वीकृति प्रदान की गई। 
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‘हरिहर’ (बेघर परित्यक्त और आत्मसमपर्तित बच्चों का पुनर्वास पहल हरियाणा) नीति लागू

  • राज्य के बाल देखभाल संस्थानों से 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों और विकलांग बच्चों को रोजगार, शैक्षिक और वित्तीय लाभ प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्घता को पूरा करते हुए सरकार ने यह नीति शुरू की है। 
  • इस नीति का उद्देश्य 5 वर्ष की आयु से पहले (परित्यक्त) या 1 वर्ष की आयु से पहले (आत्मसमर्पण) बच्चे, जो बाल देखभाल संस्थानों में दाखिल हैं और जिन्होंने संस्थान में 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और जो आवश्यक योग्यता रखते हैं, को एक्सग्रेशिया रोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का दर्जा देना है।
  • ऐसे बच्चों को 25 वर्ष की आयु तक या उनके विवाह तक, जो भी पहले हो, तक तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण और देखभाल, पुनर्वास और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 
  • यह सुविधा केवल उन बच्चों को दी जाएगी जो 5 वर्ष की आयु (परित्यक्त के रूप में) और 01 वर्ष की आयु (आत्मसमर्पण के रूप में) से पहले चाइल्ड केयर संस्थानों में रहते हुए 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है।
  • उपायुक्त की अध्यक्षता में संबंधित जिला अनुमोदन समिति द्वारा सिफारिश किए जाने के बाद लाभार्थी एक्स-ग्रेशिया जॉब्स और ईडब्ल्यूएस स्थिति और रोजगार का लाभ उठा सकेगा। 
  • ऐसे बच्चों को सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में छात्रावास की सुविधा के साथ तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण सहित नि:शुल्क शिक्षा एवं उच्चतर शिक्षा प्रदान की जाएगी।
  • एक्स-ग्रेशिया जॉब्स प्राप्त करने वाले बच्चों का वेतन फिक्सड डिपॉजिट खाते में जमा किया जाएगा और 25 वर्ष की आयु या विवाह के बाद निकासी की अनुमति दी जाएगी।
  •  ऐसे व्यक्ति को अपने जीवन यापन के खर्च के लिए हर मास अपने वेतन में से 20 प्रतिशत वेतन अग्रिम मिलेगा और वह वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं होगा।
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