बेहतर वितरण रैकिंग में हरियाणा की बिजली कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। पावर फाइनेंस कारपोरेशन (पीएफसी) की साल 2019-20 की एआईआरआर (एनुअल इंटेग्रेटिड रेटिंग रिपोर्ट) में गुजरात की कंपनियों ने पहला और हरियाणा ने दूसरा स्थान हासिल किया है।
पीएफसी) की साल 2019-20 की एआईआरआर में बताया गया है कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को ए प्लस और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के ए ग्रेड दिया गया है। यह पहली बार है कि प्रदेश के दोनों निगमों को टॉप रैंकिंग मिली है।
बता दें कि पीएफसी बिजली कंपनियों को लोन देता है और हर साल कंपनियों की कार्यप्रणाली को लेकर सर्वे कराता है। सर्वे में 12 राज्यों की 20 बिजली वितरण कंपनियों का अलग-अलग बिंदुओं पर सर्वे किया गया।
हर साल ग्रेड में सुधार
वर्ष 2015-16 के सर्वे में यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन को बी, 16-17 में दोनों निगमों को बी प्लस, 2017-18 की रेटिंग में दोनों को ए और 2018-19 में यूएचबीवीएन को ए और डीएचबीवीएन को ए प्लस ग्रेड मिला था।
लाइन लॉस घटा, फायदे में निगम
बता दें वर्ष 2019 तक सीएम मनोहर लाल ने बिजली महकमा अपने पास रखते हुए आईएएस अधिकारी की जगह आईपीएस शत्रुजीत कपूर को बिजली विभाग का सीएमडी लगाया। सीएम का यह फामूर्ला निगमों के लिए कामयाब रहा। एक तो लाइन लॉस घटकर 17 प्रतिशत से नीचे आ गया, जबकि कलेक्शन भी बढ़ा। जिससे पहली बार बिजली निगम घाटे से निकलकर फायदे में पहुंचे। बिजली आपूर्ति से लेकर अन्य मामलों में भी पहले से प्रगति की है।