श्रमिकों को इस्राइल की एक टीम ने पांच दिन तक रोहतक के महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण भी दिया था। इन श्रमिकों में फ्रेमवर्क, शटरिंग, बढ़ई, प्लास्टरिंग, सेरामिक टाइल और लोहा मोड़ने वाले कारीगर शामिल हैं।
हरियाणा के श्रमिकों का पहला जत्था मंगलवार को इस्राइल के लिए रवाना हुआ। हरियाणा सरकार के सहयोग से इस्राइल जाने के लिए 8199 श्रमिकों में से 219 का चयन हुआ है। वतन छोड़ने से पहले इन श्रमिकों से सीएम नायब सिंह सैनी और पूर्व सीएम मनोहर लाल ने उनसे बातचीत की। करार के मुताबिक, इन श्रमिकों को न्यूनतम एक वर्ष के लिए और अधिकतम पांच साल तक के लिए इस्राइल में रहना होगा। प्रति माह एक लाख 35 हजार रुपये की सैलरी मिलेगी।
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हरियाणा सरकार ने पिछले साल इस्राइल में नौकरी करने के इच्छुक लोगों से दस हजार पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए 8199 श्रमिकों ने आवेदन किया। इनमें से 1909 श्रमिकों का चयन हुआ। बाद में कौशल परिक्षण के दौरान सिर्फ 219 श्रमिक चयनित किए गए।