इसके बाद 14वें व 15वें राउंड और बैलेट पेपरों की गिनती में सुरजेवाला 1570 वोटों से पिछड़ गए और अंतत: लीला राम भाजपा को पहली बार यहां से जितवाने में सफल रहे। वहीं लीला राम एक बार इनेलो से और अब दूसरी बार भाजपा से विधायक बनने में सफल रहे।
लीला राम की जीत के 3 कारण:-
1. भाजपा ने लीला राम गुर्जर को गुर्जर वोटों व अन्य समाज में उनकी छवि को देखते हुए उन्हें मजबूत उम्मीदवार स्वीकार करते हुए मैदान में उतारा और जीत हासिल की।
2. पीएम मोदी की नीतियां, धारा 370 का मुद्दा व सीएम मनोहर लाल की नीतियों का असर।
3. शहर व गांव में समान रुप से लीला राम की लोकप्रिय छवि, जिसके बल पर वे सुरजेवाला को गांवों के साथ-साथ शहर में बराबर की टक्कर दे पाए।
रणदीप सुरजेवाला की हार के 3 कारण:-
1. राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी का लचीला प्रदर्शन, जींद उपचुनाव में हार।
2- पीएम मोदी की नीतियों से लोकसभा चुनाव में 55 हजार से पिछड़ने के बाद उसे कवर करने में लगा सुरजेवाला का पूरा जोर, अधिकतर कवर गए, लेकिन 624 वोटों से जीत से दूर रह गए
3. इनेलो का वोटबैंक करीब-करीब खत्म होने, जजपा के महज 6149 वोटों पर समटना। पिछले चुनाव में इनेलो की 42000 वोट थे। जो ज्यादा भाजपा को शिफ्ट हो गए। जिसका नुकसान सुरजेवाला को हुआ।
भाजपा में हुआ भीतरघात, सुरजेवाला ने मजबूती से लड़ा चुनाव:-भाजपा में भीतरघात हुआ। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कैथल विधानसभा से से कांग्रेस को 55 हजार की लीड दी थी। रणदीप सुरेजवाला ने पूरी ताकत इसी लीड को कवर करने में लगा दी लेकिन महज 624 वोटों से पीछे रह गए।
हार पर बोले सुरजेवाला
भाजपा व भाजपा के प्रत्याशी लीला राम को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि वे कैथल के विकास और प्रगति जो हमने 15 साल में की है। उसे आगे बढ़ाएंगे। आज दिन उनका है। जनता ने जो निर्णय दिया है। वह सिर झुकाकर स्वीकार है।
जीत पर बोले लीला राम
यह पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहर लाल की नीतियों पर कैथल की जनता की मुहर है। सभी को इस जीत के लिए बधाई। कैथल को विकास के मामले में आगे लेकर जाएंगे। सभी को इस जीत की शुभकामनाएं। सुरजेवाला वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने मतगणना के दिन पूरा सहयोग किया।