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Haryana Election: संभावित बागियों की सूची तैयार... हाईकमान लुटा रहा प्यार; ये है कांग्रेस की रणनीति

Tue, 10 Sep 2024 11:17 AM IST
शाहरुख खान सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कांग्रेस ने संभावित बागियों की सूची तैयार कर ली है। हाईकमान इन पर प्यार लुटा रहा है। राहुल गांधी की टीम खुद मोर्चा संभाल रही है। दिल्ली बुलाकर पार्टी में रहने के फायदे बताए जा रहे हैं। खरगे और केसी वेणुगापाल डैमेज कंट्रोल करने के लिए पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों को मना रहे हैं।
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Haryana Election - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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41 सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस हाईकमान ने शेष 49 सीटों पर प्रत्याशियों के साथ-साथ बगावत करने वाले संभावित नेताओं की सूची भी तैयार कर ली है। इनमें खासतौर पर उनको शामिल किया गया है, जो पूर्व विधायक या पूर्व सांसद हैं या फिर हलके में मजबूत दावेदार हैं और उनके पार्टी छोड़ने से नुकसान हो सकता है। 
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इसी कारण अगली सूची जारी करने से पहले खुद राहुल गांधी की टीम ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। रविवार व सोमवार को 20 से अधिक नेताओं को दिल्ली मुख्यालय बुलाकर मनाने की कोशिश की गई है। इतना ही नहीं, सरकार बनने के बाद उनको एडजेस्ट तक करने का ऑफर भी दिया गया है।

कांग्रेस अब तक प्रत्याशियों की तीन सूचियां जारी कर चुकी है। ये तीनों ही बड़ी संतुलित और सुरक्षित रही हैं। इनमें 28 विधायकों के साथ-साथ पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों व दिग्गजों को मौका दिया गया है। हालांकि, जजपा से आए रामकरण काला और नीलोखेड़ी से निर्दलीय धर्मपाल गोंदर को टिकट देने को लेकर पार्टी में अंतर विरोध चल रहा है।
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कम सीटों पर उम्मीदवार उतारने के चलते भाजपा के मुकाबले अभी कांग्रेस में बगावत कम है, लेकिन जैसे ही चौथी सूची आएगी तो बड़े स्तर पर बगावत होने की आशंका है। पार्टी में संभावित भगदड़ को देखते हुए हाईकमान ने खुद कमान अपने हाथ में ली है और एक-एक विधानसभा हलके में संभावित बागियों की सूची तैयार की है।
 

लोकसभा चुनावों से ठीक पहले हरियाणा कांग्रेस में करीब 40 पूर्व विधायक शामिल हुए थे। इनके अलावा, काफी संख्या में दीपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में युवा नेता पार्टी में शामिल हुए थे, लेकिन अब टिकट को लेकर मचे घमासान के बीच सिफारिश के बजाय सर्वे के आधार पर टिकटें मिलने से कई नेताओं के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। कांग्रेस का हाथ थामने वाले नेताओं की भगदड़ रोकने के लिए ही यह किलेबंदी की जा रही है।

जेपी का बेटा आजाद ठोक सकता है ताल
हिसार से सांसद जयप्रकाश जेपी के पुत्र विकास सहारण कलायत से आजाद प्रत्याशी के रूप में ताल ठोक सकते हैं। कांग्रेस यहां रणदीप सुरजेवाला के कोटे से श्वेता ढुल को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है, जबकि विकास श्योराण को आदमपुर से भव्य बिश्नोई के मुकाबले उतारा जा सकता है। जेपी खुद दो बार आदमपुर से चुनाव लड़ चुके हैं और दोनों बार उनको हार का सामना करना पड़ा था। इसलिए तीसरी बार जेपी यहां से अपने बेटे को चुनाव लड़वाने से बच रहे हैं।

इनको लग चुके झटके
- उचाना से बृजेंद्र को टिकट मिलने पर वीरेंद्र घोघड़ियां नाराज हैं।
- टोहाना से परमवीर सिंह को टिकट मिलने पर पूर्व विधायक व जजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह को झटका लगा है।
- जुलाना से विनेश फोगाट के मैदान में आने से पूर्व विधायक परमिंद्र ढुल निराश हैं।
 

इन सीटों पर कई-कई दावेदार
जिन सीटों पर सबसे अधिक नेताओं ने टिकट के लिए आवेदन किया था, वहां हाईकमान की खास नजर है। दर्जनभर सीटों पर पूर्व सीएम हुड्डा, कुमारी सैलजा व सुरजेवाला खेमे के अलग-अलग नेता दावेदार हैं। इनमें घरौंडा विधानसभा, इंद्री, करनाल, पिहोवा, पूंडरी, गुहला चीका, पानीपत सिटी, पानीपत ग्रामीण, हिसार, उकलाना, बवानीखेड़ा, नरवाना, जींद सीटें हैं। घरौंडा में वीरेंद्र राठौर, पूर्व विधायक सांगवान, भूप्पी लाठर, अनिल राणा, सतीश राणा दावेदार हैं। इसी प्रकार, इंद्री में पूर्व मंत्री भीम सेन मेहता, पूर्व विधायक राकेश कांबोज, पूर्व मंत्री कर्ण देव कांबोज दावेदार हैं।

सैलजा-सुरजेवाला 18 सीटों पर समर्थकों को दिलाना चाहते हैं टिकट
कुमारी सैलजा हिसार जिले की उकलाना, नारनौंद, हांसी और बरवाला सीटें अपने समर्थकों दिलाना चाह रही हैं। इसी प्रकार सिरसा जिले की सिरसा, ऐलनाबाद, कालांवाली और डबवाली पर भी अपने समर्थकों को टिकट दिलाने के लिए जोर लगा रही हैं। सैलजा का अंबाला जिले की चारों सीटों पर भी प्रभाव है। वहीं, रणदीप सुरजेवाला कैथल जिले की चारों सीटों, जींद, नरवाना पर समर्थकों को टिकट के लिए अड़े हुए हैं।

कांग्रेस की तीसरी सूची में भी परिवारवाद हावी
रविवार रात जारी नौ प्रत्याशियों की सूची परिवारवाद हावी दिखा। 2019 का चुनाव हारने के बावजूद 3 चेहरों पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा और पूर्व मंत्री परमवीर सिंह पर अनुभव के तौर पर दांव खेला गया है। वहीं, वर्धन यादव, मोहित ग्रोवर, बलराम दांगी और अनिरुद्ध चौधरी युवा चेहरे हैं। भाजपा में शामिल हुए पूर्व सीएम भजन लाल परिवार और पूर्व सीएम बंसीलाल परिवार को देखते हुए कांग्रेस ने बंसीलाल के पौत्र अनिरुद्ध चौधरी और सर छोटूराम के पूर्व मंत्री नाती बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह को भी टिकट दी है। इसी प्रकार, पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी के बेटे बलराम को महम से प्रत्याशी बनाया है। इस सूची में चार जाट चेहरे हैं और चारों को जाट बाहुल्य क्षेत्रों से ही उतारा गया है।

आप से गठबंधन नहीं होने से कई कांग्रेसी नेताओं ने ली राहत की सांस
आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं होने से खासकर पंजाब के साथ लगती सीटों वाले कांग्रेस नेताओं ने राहत महसूस की है। इनमें आप जींद, कलायत, गुहला चीका, पिहोवा समेत अन्य सीटें मांग रही थी। जींद से पूर्व मंत्री मांगें राम गुप्ता के बेटे महाबीर गुप्ता दावेदार हैं, जबकि गुहला चीका से पूर्व विधायक के बेटे नरेश ढांडा और कलायत से श्वेता ढुल, पिहोवा से पूर्व मंत्री हरमिंद्र सिंह चट्ठा के बेटे मनदीप चट्ठा दावेदार हैं। अगर ये सीटें आप के खाते में जातीं तो इनके लिए सियासी संकट खड़ा हो जाता।

प्रभारी बाबरिया का बीपी बढ़ा, एम्स में दाखिल
टिकट के दावेदारों के साथ-साथ हरियाणा के दिग्गज नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है। एक के बाद एक नेता समर्थकों के साथ हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया के पास पहुंच रहे हैं और टिकट के लिए दवाब बना रहे हैं। लगातार बैठकों और नेताओं के दबाव के चलते सोमवार सुबह बाबरिया का बीपी बढ़ गया। बाबरिया को तत्काल एम्स में ले जाया गया, जहां चिकित्सक उनकी निगरानी कर रहे हैं। इससे पहले बाबरिया के रोते और भावुक होते हुए दो वीडियो वायरल हो चुके हैं।
 
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