मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि डीजीपी के आग्रह पर विचार किया जाएगा। यूपीएससी को नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए तीन आईपीएस के नामों का पैनल भेजेंगे। हालांकि, इस पर अभी निर्णय नहीं लिया है। गृहमंत्री व डीजीपी के विवाद पर उन्होंने कहा कि हमारे यहां सब मिलकर काम करते हैं।
पूर्ण कुमार के विवाद में रिपोर्ट तलब
आईजी वाई पूर्ण कुमार के साथ डीजीपी के विवाद में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने डीजीपी मनोज यादव, वर्तमान आईजी अंबाला और एसपी अंबाला को पत्र लिखकर अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अभी तक आईजी की शिकायत पर केस दर्ज क्यों नहीं हुआ।
21 फरवरी 2019 को बने डीजीपी
आईपीएस मनोज यादव 21 फरवरी 2019 को हरियाणा के डीजीपी बने। वह आईबी से 2 वर्ष की अवधि के लिए हरियाणा में डीजीपी पद के लिए प्रतिनियुक्ति पर आए। प्रदेश सरकार की सिफारिश पर 20 फरवरी 2021 के बाद उनका कार्यकाल एक वर्ष की अवधि या अगले आदेश तक बढ़ाया गया। अभी उनका कार्यकाल अगले वर्ष पूरा होता लेकिन उन्होंने उससे पहले ही आईबी में जाने की अनुमति मांग ली। वह आईबी में अतिरिक्त निदेशक पद के लिए केंद्र सरकार की तरफ से पहले ही अधिकृत किए जा चुके हैं। 1988 बैच के आईपीएस मनोज यादव को वर्ष 2003 में इंटेलिजेंस ब्यूरो में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात किया था।
अगस्त 2020 को सार्वजनिक अवकाश के दिन आईजी वाई पूर्ण कुमार के थाने में बने मंदिर में जाने पर डीजीपी की तरफ से पूछे सवाल से सारा विवाद शुरू हुआ। आईजी ने इस मामले में डीजीपी पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर 19 मई को एसपी अंबाला को शिकायत दी।
कार्रवाई न होने पर उन्होंने इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार के आला महकमों को पत्र लिख कर डीजीपी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी एक्ट के तहत डीजीपी पर एफआईआर दर्ज की जाए। डीजीपी इस मामले में गृह मंत्री अनिल विज से भी मिले लेकिन उन्होंने अफसरशाही का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया।
अंबाला एसपी को यह दी है शिकायत
शिकायत में वाई पूर्ण कुमार ने कहा है कि 3 अगस्त 2020 को सार्वजनिक अवकाश था, वे शहजादपुर थाने में बने मंदिर में गए थे। डीजीपी ने उनसे पूछा था कि मंदिर स्थापित करने से पहले सरकार से पूछा गया है क्या? उन्होंने कहा कि मंदिर उनकी नियुक्ति से पहले का है। डीजीपी उन्हें सार्वजनिक अवकाश के दिन पूजा करने से नहीं रोक सकते।