फैक्टरी से 41 हजार बोतलों पर लगाने वाले लेवल मार्का देसी शराब टैंगो संतरा, मसालेदार देसी शराब, एक पूरा बाटलिंग प्लांट, कुल 10 हजार ढक्कन, एक कैप डिस्पेंसर मशीन, 16000 खाली बोतलें, 850 पीस पैकिंग डिब्बा गत्ता, कुल 42 लीटर फ्लेवर, चार लीटर एसेंस संतरा फ्लेवर, लाल रंग के फ्लेवर से भरी एक कैन प्लास्टिक, बोतलों पर लेवल लगाने में इस्तेमाल होने वाली एक रैप मशीन, बोतलों के ढक्कन पर लगाने वाली 7000 सील बरामद किए हैं।
हरियाणा, चंडीगढ़ से सस्ती शराब लाकर भी बेचते थे
एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने मंगलवार दोपहर आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि सलविंदर सिंह और हरदीप कुमार पिछले काफी समय से हरियाणा व चंडीगढ़ से सस्ती शराब लाकर पटियाला में विभिन्न जगहों पर बेचते थे। मौके से पकड़े तस्कर हरदीप कुमार दीपू और हनीस कुमार हनी दोनों भाई हैं।
पुलिस शराब की तस्करी में इस्तेमाल होने वाली गाड़ी को भी पुलिस ने बरामद किया है। आगे बताया कि इस गिरोह के मास्टरमाइंड सलविंदर सिंह पर पहले ही पटियाला के विभिन्न थानों व अन्य जिलों में 12 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं हरदीप कुमार दीपू पर भी पंजाब व हरियाणा में आबकारी अधिनियम में कई मुकदमे दर्ज हैं।
आरोपियों ने मिलकर मार्च 2020 में पहले दिल्ली से मशीनें व पैकिंग सामग्री खरीदी और फिर बद्दी से बोतलें खरीदी। इस तरह से गिरोह ने पहले नकली शराब बनाने की फैक्टरी एकता कालोनी में लगाई। लेकिन बाद में इन्हें लगा कि शायद लोगों को इन पर शक है। इसलिए 10 दिनों बाद फैक्टरी को घन्नौर के एक बंद पड़े मकान में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद फैक्टरी को गांव चौरां के शगुन विहार इलाके में शिफ्ट किया।
यह कालोनी आरोपियों ने इसलिए चयनित क्योंकि यहां आबादी काफी कम है और ज्यादातर खाली प्लाट हैं। कालोनी के जिस मकान में फैक्टरी चलाई जा रही थी। उसे हरदीप कुमार ने खरीदा है। नकली शराब बनाने के लिए ईएनए और एसेंस फ्लेवर का इस्तेमाल करते हुए बाटलिंग मशीनों जरिए बोतलें की भरवाई करते थे और टैंगो संतरा नाम का मार्का लगाते थे।