पंजाब से अलग हुए हरियाणा को भले ही पचास साल हो गए हैं, लेकिन कई अहम मुद्दे अभी तक अनसुलझे हैं। राजनीतिक मंच हो या दोनों प्रदेशों की विधानसभा, हर सत्र में इन मुद्दों पर बहस होती है, लेकिन अनसुलझे रह जाते हैं।
एसवाईएल के पानी के लिए हरियाणा पचास साल से संघर्ष कर रहा है। पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार होने के बावजूद सूबे को अपना यह हक नहीं मिल सका है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार बयानबाजी कर रहा है।
फिलहाल, मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और दोनों प्रदेशों की सरकारों को फैसले का इंतजार है। यही हाल पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और राजधानी चंडीगढ़ को लेकर है। दोनों प्रदेश के नेता चंडीगढ़ पर अपना हक जताते रहते हैं, लेकिन निष्कर्ष आज तक नहीं निकल सका।