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Haryana Day: 57 साल के हरियाणा ने लिखी विकास और समृद्धि की इबारत, इन मामलों में देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल

Wed, 01 Nov 2023 06:32 PM IST
भूपेंद्र सिंह आशीष वर्मा/सोमदत्त वर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

लोगों की जीवटता, जज्बे और जुझारूपन ने हरियाणा को शिखर पर पहुंचाया है। देश की कुल जीडीपी में हरियाणा का योगदान 3.5 फीसदी है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में हरियाणा पूरे देश में तीसरे नंबर है।
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हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा। प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान से लगते राज्य पंजाब से अलग होकर हरियाणा आज 57 साल का हो गया है। तमाम चुनौतियों को पार करते हुए हरियाणा ने पूरी दुनिया में विकास, समृद्धि और खेलों में नई इबारत लिखी है। राज्य के लोगों की जीवटता, जज्बे और जुझारूपन की वजह से हरियाणा ने हर क्षेत्र में नायाब उपलब्धि हासिल की है। किसी भी राज्य की तरक्की का सटीक मापक उस राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय होती है।

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हरियाणा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के मामले में आज हरियाणा पूरे देश में 12वें नंबर है। वित्तीय वर्ष 2023-24 की अनुमानित जीएसडीपी मौजूदा कीमतों पर 11.2 है। देश की कुल जीडीपी में हरियाणा का योगदान 3.5 फीसदी है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में हरियाणा पूरे देश में तीसरे नंबर है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 में 3,08,732 रुपये के साथ तेलंगाना मौजूदा कीमतों पर उच्चतम प्रति व्यक्ति आय वाले भारतीय राज्यों की सूची में सबसे आगे है। इसके बाद कर्नाटक है, जहां प्रति व्यक्ति आय 3,01,673 रुपये और फिर हरियाणा है। हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय 2,96,685 रुपये है।
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पड़ोसी राज्य पंजाब की प्रति व्यक्ति आय पंजाब की प्रति व्यक्ति आय 1,73,873 रुपये है। हालांकि मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट में दिल्ली का डाटा नहीं दिखाया है। 2020-21 और 2021-22 में दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय क्रमशः 3,31,112 रुपये और 3,89,529 रुपये थी।

ऑटो सेक्टर में हरियाणा का बड़ा योगदान है। ऑटो मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट्स के मामले में हरियाणा देश में चौथे नंबर पर है। देशभर में हर साल बिकने वाली दो तिहाई कारों का निर्माण हरियाणा में होता है। वहीं, हर साल बिकने वाले ट्रैक्टरों का 50 फीसदी उत्पादन हरियाणा में होता है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत ऑटो पार्ट्स बनाने वाली फैक्टरियों का हब है।

करनाल कृषि यंत्रों का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। करनाल में बनने वाले कृषि यंत्र न सिर्फ देश, बल्कि पूरी दुनिया में सप्लाई किए जाते हैं। औद्योगिकीकरण की वजह से हरियाणा उत्तर भारत में मजदूरी रोजगार का सबसे बड़ा प्रदाता बनकर उभरा है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुताबिक हरियाणा में सबसे अधिक संख्या में प्रवासी श्रमिक रहते हैं।

सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में हरियाणा तेजी से बढ़ता हुआ राज्य है। पिछले साल एमएसएमई नेशनल अवार्ड में हरियाणा ने तीसरी रैंक हासिल की थी। राज्य में लगभग 9.7 लाख एमएसएमई हैं जो कि हरियाणा की बढ़ती अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

आईटी सेक्टर में हरियाणा में लगातार ग्रोथ बनाए हुए है। आईटी सेक्टर का नाम आते ही जहन में पुणे और बेंगलूरू का नाम आता था, मगर अब हरियाणा भी आईटी सेक्टर का बड़ा हब बन गया है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल में 400 से ज्यादा आईटी कंपनियां हैं। उद्योगों के लिए उदार नीति की वजह से स्टेट ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हरियाणा राज्य टाॅप अचीवर्स कैटेगरी में शामिल है।

एफडीआई में हरियाणा छठे और जीएसटी राजस्व में 5वें स्थान पर
देश की 2.1 प्रतिशत से कम आबादी वाला हरियाणा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई ) को आकर्षित करने में काफी कामयाब रहा है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी नवीनतम प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी आंकड़ों के अनुसार पिछले चार सालों में एफडीआई हासिल करने में हरियाणा छठे स्थान पर है। बीते चार सालों में हरियाणा में 63,528 करोड़ रुपये का एफडीआई आया है। वहीं, जीएसटी राजस्व जुटाने में भी हरियाणा का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। जीएसटी राजस्व संग्रह में हरियाणा पूरे देश में पांचवें नंबर पर है। अक्तूबर में हरियाणा ने 8009 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है।

केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में दूसरा सबसे बड़ा योगदान
खेती के योगदान में हरियाणा के बराबर कोई दूसरा राज्य नहीं है। भौगोलिक क्षेत्र के मामले में 22वें स्थान पर होने के बावजूद हरियाणा कृषि उत्पादन के क्षेत्र में नंबर नंबर वन राज्य के रूप में उभरा है। आज देशभर के केंद्रीय खाद्यान भंडारण में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य हरियाणा है। देश के बासमती चावल का 60 प्रतिशत निर्यात हरियाणा से होता है। पिछले साल प्रदेश में 83 लाख टन धान का रिकार्ड उत्पादन हुआ। हरियाणा 14 फसलों को एमएसपी पर खरीदता है, जो देश में सबसे ज्यादा है। सरसों और गन्ना की पैदावार में हरियाणा देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल है।

खेलों में हरियाणा नंबर वन
खेलों की दुनिया में देश में हरियाणा का कोई सानी नहीं है। हरियाणा खेलों में नंबर वन राज्य के रूप में उभरा है। ओलंपिक हो या एशियाई खेल। हरियाणा देश की पदक तालिका में अपने योगदान के मामले में अग्रणी रहा है। टोक्यों ओलंपिक में देश के लिए पहला गोल्ड दिलाने वाले हरियाणा के नीरज चोपड़ा ही थे। इसी ओलंपिक में हरियाणा के रवि कुमार दहिया ने कुश्ती में रजत और बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक हासिल किया था। 2016 के रियो ओलंपिक में भी हरियाणा ने भारत के पदकों में से आधे का योगदान दिया था।

हाल ही में बीते एशियाई खेलों में भी हरियाणा के खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा मेडल झटके। इसका पूरा श्रेय हरियाणा की खेल नीति को जाता है। पदक लाओ और इनामों की बौछार पाओ नीति के साथ हरियाणा ने खेल को नकद प्रोत्साहन और रोजगार से जोड़ने के अलावा सरकार ने राज्य में खेल सुविधाएं बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। स्कूल व कालेज स्तर पर ही इसकी नींव रख दी जाती है। हरियाणा में स्कूल व कॉलेज नेशनल मेडलिस्ट को भी 20 हजार से 50 हजार रुपये तक नकद इनाम दिया जाता है। ओलिंपिक में पदक जीतने पर 2.5 करोड़ से 6 करोड़ रुपये तक दिए जाते हैं।

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