उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक डैडलॉक की स्थिति बन गई है। पूरे देश की तुलना में हरियाणा में कांग्रेस अलग ही हालात में है। लोकसभा चुनाव से पहले एआईसीसी की ओर से बनाई गई समन्वय समिति का क्या हुआ। एआईसीसी को उनकी बनाई कमेटी के नाम पर ऐतराज था, जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने नाम बदल दिया है।
प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता के सामने विचित्र स्थिति बन गई है, वे काम करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें दिशा नहीं मिल रही। इसलिए सुदेश अग्रवाल के संयोजन में ग्रुप का गठन किया है। किसान, गरीब, मजदूर समेत हर वर्ग से रायशुमारी कर विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी की जाएगी। चुनाव में कम समय बचा है, इसलिए ग्रुप का मकसद पार्टी संगठन को मजबूत करना है।
इसे राजनीतिक तौर पर देखने के बजाय सभी नेता सहयोग करें। वह पूरे मामले में एआईसीसी पदाधिकारियों व राज्य प्रभारी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे। सुदेश अग्रवाल ने कहा कि कमेटी को ग्रुप बनाने से यह एआईसीसी के संविधान के दायरे में नहीं आएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष इसका गठन कर सकते हैं।