हुड्डा ने बताया कि चिंतन शिविर में उन्होंने अपनी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंप दी है। इसमें किसानों को एमएसपी की गारंटी, सी2 फार्मूले पर एमएसपी, किसानों को कर्ज से मुक्ति, मुफ्त बिजली और मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी लागू करने जैसी सिफारिशें की गई हैं। पार्टी ने इसे अपने संकल्प पत्र में भी शामिल कर लिया है। याद रहे कि कांग्रेस में सभी धड़े एकजुट नहीं हैं। कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और कैप्टन अजय यादव की अपनी अलग राह है। सुरजेवाला व यादव ने उदयभान के ताजपोशी कार्यक्रम से भी दूरी बनाए रखी थी। राहुल ने कुछ माह पहले प्रदेश के सभी दिग्गज कांग्रेसियों को बुलाकर एकजुट होने का सुझाव दिया था लेकिन उसके बाद गुटबाजी और बढ़ी थी।
कुलदीप बिश्नोई को अभी नहीं मिला समय
प्रदेशाध्यक्ष का पद न मिलने से विधायक कुलदीप बिश्नोई नाराज चल रहे हैं। उन्होंने प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल से मुलाकात के लिए राहुल से मिलने का समय मांगा था, जो अभी तक नहीं मिला है। कुलदीप पार्टी कार्यक्रमों से पूरी तरह दूरी बनाए हुए हैं। सीडब्ल्यूसी के विशेष आमंत्रित सदस्य होने के बावजूद वह उदयपुर चिंतन शिविर में शामिल नहीं हुए। उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। जल्द कोई बड़ा ओहदा या आश्वासन न मिलने पर वह कोई भी निर्णय ले सकते हैं। जिस तरह से पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पार्टी को अलविदा कहा है, उसी तरह कुलदीप भी उचित मान-सम्मान न मिलने पर नया विकल्प तलाश सकते हैं।