दिल्ली में बरसाती पानी भरने पर आम आदमी पार्टी के हरियाणा पर आरोप लगाए। इसके बाद रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सफाई देते हुए कहा कि पानी प्राकृतिक ढाल में ही जाएगा। साथ ही पंजाब का बरसाती पानी अधूरी बनी एसवाईएल से हरियाणा में आने से अंबाला व कुरुक्षेत्र जिले डूबने की बात कही। इस पर भी किसी पर आरोप नहीं लगाने का दावा किया।
रविवार को भाजपा के प्रांतीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने कहा कि बरसाती पानी को लेकर आरोप प्रत्यारोप शुरू हुए हैं। यह कतई सही नहीं है। यह न मानवता के हित में है न प्रदेश हित में सही है। मैं अपना बचाव करूं और दूसरे का नुकसान करूं, यह कोई छोटी सोच का व्यक्ति की कर सकता है। ये मेरा है ये तेरा है, यह छोटी सोच वाले लोग ही करते हैं।
विद्वान चरित्र के लोग पूरे संसार को अपना परिवार समझते हैं। यह कहना, हथिनीकुंड से पानी छोड़ दिया, गलत है। शुरु से नियम है कि हर बैराज की क्षमता होती है। इससे नीचे पानी डायवर्ट किया जाता है। पानी ज्यादा आता है तो नहरों का डायवर्जन रोक दिया जाता है। ज्यादा दबाव के कारण रास्ता मिलेगा तो पानी उसे तोड़ देगा। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा किया जाता है। वैसे तो वो कहते हैं पानी दे दो। अब क्यों नहीं लेते। उनके बस का न पानी देना है न लेना।
पंजाब का बरसाती पानी अधूरी बनी एसवाईएल में आया। एसवाईएल ओवरफ्लो हुई तो हमारा अंबाला व कुरुक्षेत्र जिला डूबा। इस पर भी हमने किसी पर आरोप नहीं लगाया। यह कौन सा सिद्धांत है कि अपने जिले डुबोएंगे फिर दिल्ली को डुबोएंगे। पानी का प्राकृतिक बहाव होता है। वह ढाल में ही बहता है।
यमुना के पानी से यमुनानगर, करनाल, पानीपत व सोनीपत में भी नुकसान हुआ है। दिल्ली में बाद में हुआ है। इससे पहले फरीदाबाद में नुकसान हुआ है। यमुना का हिस्सा दिल्ली से ज्यादा हरियाणा से लगता है। हरियाणा ऐसे बदनाम नहीं होगा। हरियाणा की अपनी पहचान व सोच है। हरियाणा किसी की सेवा तो कर सकता है, नुकसान नहीं। दिल्ली को पानी हरियाणा ही देता है। इस मौके पर सांसद अरविंद शर्मा, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, शमशेर खरक व रणबीर ढाका मौजूद रहे।
अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही दिल्ली सरकार
हरियाणा के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे का कहना है कि दिल्ली सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है और यह उनकी प्रकृति में है। हरियाणा में भी जलभराव हुआ और हमारे जिले भी प्रभावित हुए लेकिन हमारे सीएम ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। व्यवस्था करने के बजाय अरविंद केजरीवाल ने दूसरों पर आरोप लगाना शुरू कर दिया।