हरियाणा सरकार के लिए 25 और 26 जनवरी बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। 25 जनवरी को पद्मावत फिल्म के रिलीज होने को लेकर राजपूत समुदाय उग्र तेवर अपनाए हुए हैं। प्रदेश में जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार के सामने कानून-व्यवस्था को बनाए रखना बड़ी चुनौती है।
राजपूतों के कड़े तेवरों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन को पूरी ताकत झोंकनी होगी। चूंकि, अन्य प्रदेशों में फिल्म के विरोध में भड़की हिंसा इससे पहले कि हरियाणा में पहुंचे, सरकार को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने होेंगे। 25 जनवरी को फिल्म रिलीज के दिन अगर प्रदेश के सभी सिनेमाघर इसे लगाते हैं तो चुनौती और बढ़ जाएगी, चूंकि राजपूत समुदाय के लोगों को शांति भंग करने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना होगा। प्रदेश में सैकड़ों की संख्या में मल्टीप्लेक्स व सिनेमा घर हैं, ऐसे में इनकी सुरक्षा के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।
हरियाणा में राजपूत समुदाय की ज्यादा मौजूदगी खासकर कालका, मुलाना, बादशाहपुर, सोहना, घरोंडा, पृथला आदि 15 विधानसभा क्षेत्रों में हैं। अन्य क्षेत्रों के राजपूत इनसे मिलकर प्रदेश में कोई भी कदम उठा सकते हैं। प्रदेश के राजपूत नेता सूरजपाल अम्मू ने साफ कर दिया है कि न तो रिलीज से पहले फिल्म देखेंगे, न ही इसे सिनेमाघरों को दिखाने देंगे। इसके साथ ही 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है, जिसे देखते हुए डीजीपी बीएस संधू ने सभी एसपी, आईजी और पुलिस आयुक्तों को अलर्ट कर दिया है। सभी को सचेत रहते हुए सुरक्षा के उचित प्रबंध करने और किसी को भी शांति भंग न करने देने के निर्देश दिए गए हैं।