हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंजाब सरकार पर गन्ने के भाव को लेकर चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य ने चुनाव नजदीक देख चार साल बाद गन्ने का भाव बढ़ाया है। अगर कांग्रेस सरकार किसान हितैषी होने का इतना ही दंभ भरती है तो किसानों को हमारी तर्ज पर गन्ने का भाव और पिछला एरियर देकर दिखाए।
मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर किसानों से बातचीत में ये बातें कहीं। गन्ने का भाव देश में सर्वाधिक करने और रबी की फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को लेकर अनेक किसान उनका धन्यवाद करने पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ को लड्डू खिलाकर मुंह मीठा करवाया।
मनोहर लाल ने कहा कि हम बिना चुनाव किसानों के गन्ने का भाव बढ़ाते रहे हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां गन्ने का सर्वाधिक भाव दिया जा रहा है। गन्ने का भाव हमने पहले और इस बार भी बढ़ाया और अगले वर्ष फिर बढ़ाएंगे। किसी भी गन्ना मिल में किसान का पैसा नहीं मरने देंगे। मुख्यमंत्री ने पूर्व कांग्रेस सरकारों पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा तब की जाती थी, जब अधिकतर किसान औने-पौने दाम में अपनी फसल बेच चुके होते थे।
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि हरियाणा का किसान खुश है। वर्तमान केंद्र व राज्य सरकार के किसान हित में उठाए कदमों की तुलना करें तो हमेशा हमारी सरकार सब पर भारी पड़ेगी। जींद के किसान रामस्वरूप ने जहां बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया, वहीं यमुनानगर के किसान नौशाद के अलावा सुरेंद्र चीमा व करतार सिंह इत्यादि ने एमएसपी व गन्ने का भाव बढ़ाने पर सरकार का धन्यवाद किया। इससे पहले किसानों ने गन्ने के पौधे, बाजरे के सिरटों से बने हुए ‘बुके’ देकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया। रबी फसलों की बुआई से पहले फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने पर कई किसानों ने सिरोपा व पगड़ी पहनाकर मुख्यमंत्री का आभार जताया।