हरियाणा सरकार ने एक शिकायतकर्ता की संपत्ति का इंतकाल देरी से करने और गलत कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के मामले में भिवानी के नायब तहसीलदार आलमगीर और पटवारी ललित कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। साथ ही दोनों के खिलाफ नियम-7 के तहत कार्रवाई भी अमल में लाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने बताया कि भिवानी निवासी कमला देवी ने अपने पिता के देहांत के बाद उनकी रजिस्टर्ड वसीयतनामा के अनुसार संपत्ति का इंतकाल उनके व उनकी बहन के नाम किये जाने के संबंध में सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई थी। सीएम विंडो ने इस शिकायत पर संज्ञान लिया और नायब तहसीलदार आलमगीर से रिपोर्ट तलब की।
आलमगीर ने पटवारी ललित कुमार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सीएम विंडो पर रिपोर्ट दर्ज की कि उक्त जमीन का इंतकाल करके शिकायतकर्ता को उसकी नकल (कॉपी) की प्रति दे दी गई है, जबकि शिकायतकर्ता कमला देवी को इंतकाल की कोई कॉपी नहीं मिली।
भूपेश्वर दयाल ने बताया कि इस मामले की जांच की तो पता चला कि नायब तहसीलदार और पटवारी ने सीएम विंडो पर गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इस पर सीएम मनोहर लाल ने आलमगीर व ललित कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व वित्त आयुक्त, राजस्व को इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 10 दिनों के अंदर-अंदर भेजवाने का निर्देश दिया।
तहसीलदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी
इस मामले में हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने देरी से इंतकाल करने पर नायब तहसीलदार को दोषी माना। आयोग ने तहसीलदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।