सभी जिलों के डीसी व अन्य अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय मेलों में 381 युवाओं का चयन अनेक निजी कंपनियां कर चुकी हैं। शेष 832 युवाओं को अन्य अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। 47 युवाओं ने नौकरी ज्वाइन भी कर ली है। रोहतक, फरीदाबाद, पानीपत, रेवाड़ी व अंबाला में सराहनीय कार्य हुआ है।
गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस होने के कारण आयुष्मान भारत-जन आरोग्य योजना की सूची में 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले लगभग तीन लाख नए लाभार्थियों को जोड़ा गया। जल्द इन्हें कार्ड जारी किए जाएंगे। योजना के तहत अब तक हरियाणा के 15.50 लाख परिवार पंजीकृत हैं। 28 लाख से अधिक लोगों के पास गोल्डन कार्ड हैं।
दो लाख से अधिक आय पर वृद्धावस्था पेंशन नहीं, पीपीपी के माध्यम से मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो लाख रुपये से अधिक आय पर वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलेगी। अब वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड का लाभ परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के माध्यम से ही मिलेगा। इस पेंशन को पीपीपी से जोड़ने से न केवल पेंशन लाभार्थियों को घर बैठे ही लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी बल्कि अब उन्हें सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अब यदि कोई व्यक्ति वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करने के लिए निर्धारित आयु प्राप्त करता है तो उसकी पेंशन स्वत: ही उसके बैंक खाते में आने लगेगी।
अब आवेदन और कार्यालय आने का झंझट खत्म होगा। सत्यापन के बाद 6,618 व्यक्तियों का डाटा जिला समाज कल्याण अधिकारियों को भेजा गया है। वे इन लाभार्थियों को पेंशन लाभ जारी करने के लिए काम कर रहे हैं। 4,698 लाभार्थियों ने अपने पेंशन लाभ जारी करने के लिए सहमति दी है। 1430 व्यक्तियों ने अपनी वित्तीय स्थिति के कारण उक्त लाभ लेने से मना भी किया है। 17.44 लाख बुजुर्गों को 436 करोड़ रुपये की राशि प्रतिमाह प्रदान की जा रही है। कांग्रेस के शासन में वर्ष 2014 में 13.47 लाभार्थी थे जिनको 134 करोड़ रुपये दिए जाते थे। 1150 बुजुर्गों ने स्वेच्छा से अपनी पेंशन छोड़ी है।
बीपीएल से बाहर हुए 26 हजार लोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1.80 लाख से अधिक आय होने पर प्रदेश में 26 हजार लोग बीपीएल से बाहर हो गए हैं। सिरसा में 10 हजार व कुरुक्षेत्र में 16 हजार के राशन कार्ड रदद किए गए हैं। पीपीपी के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन के आंकड़ों की तरह राशन कार्ड धारकों का भी डाटा अपने आप अपडेट हो जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत लाभार्थी की आय में परिवर्तन होने पर राशन कार्डों के रंग श्रेणी भी अपने आप बदल जाएगी। वर्तमान में लगभग 1.03 लाख परिवारों की पहचान की गई है और सर्वेक्षण चल रहा है। इस प्रणाली से सिरसा जिले में 46000 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं, जबकि कुरुक्षेत्र जिले में लगभग 33000 नए कार्ड बनाए गए हैं।