प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा के शानदार प्रदर्शन पर हरियाणा सरकार को बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि जनता ने राज्य सरकार के विकास कार्यों में विश्वास जताया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नगर निकाय चुनावों में भाजपा-जजपा की जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जनता ने वर्ष 2014 व 2019 से अब तक लगातार वर्तमान राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के प्रति जो विश्वास दर्शाया है, यह उस विश्वास की जीत है। नगरपालिकाओं व नगर परिषदों के चेयरमैन पद पर भाजपा-जजपा उम्मीदवारों की जीत सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष व विपक्ष दो पहलू होते हैं। जनता सर्वोपरि होती है, जो अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने पसंदीदा उम्मीदवार का चयन करती है। उन्होंने चुनावों में पार्टी की नीतियों पर मुहर लगाने के लिए जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अभी शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव संपन्न हुए हैं और शीघ्र ही पंचायती राज संस्थानों के चुनाव होने हैं और आशा है कि प्रदेश की जनता इसी प्रकार हमारी विचारधारा, नीति व कार्यक्रमों के अनुरूप ऐसे ही परिणाम देगी।
मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच, विकास कार्यों व नीतियों पर जनता ने लगाई मोहर: मूलचंद शर्मा
चुनाव परिणामों के बाद परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने आज संत कबीर कुटीर पहुंचकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मिठाई खिलाकर चुनावी नतीजों पर खुशी जाहिर की। मूलचंद शर्मा ने भाजपा-जजपा की जीत पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह जीत मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व और उनकी दूरदर्शी सोच के अनुरूप निरंतर किए जा रहे जन कल्याणकारी नीतियों पर जनता के भरोसे की जीत है।
शहरी जनता ने भाजपा-जजपा को नकारा: हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नगर पालिका और नगर परिषद चुनाव में जीत हासिल करने वाले सभी उम्मीदवारों को बधाई दी है। हुड्डा का कहना है कि कांग्रेस पार्टी हालांकि इस चुनाव से अलग रही लेकिन पार्टी के स्थानीय नेताओं ने अपने-अपने इलाके में निर्दलीय उम्मीदवार को अपना समर्थन दिया था। चेयरमैन की एक-एक सीट पर कहीं-कहीं चार से पांच स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ रहे थे। 46 नगरपालिका और नगर परिषद सीटों में से लगभग 19 जगहों पर इन आजाद उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। 30 जगह करीबी मुकाबले में वे दूसरे स्थान पर रहे। जहां तक वोट शेयर की बात है तो आजाद उम्मीदवारों ने शहरों में भाजपा को मिले 26.3 प्रतिशत वोट के मुकाबले दोगुने यानी 52.2 प्रतिशत वोट हासिल किए। इससे लगता है शहरी जनता ने भी भाजपा-जजपा को पूरी तरह नकार दिया है।