इस बार जो संशोधन हुआ है, उसके अनुसार बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को, जो साल 2014 से पहले भारत की शरण में आए थे, उन्हें नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कानून से किसी भी भारतीय की नागरिकता को कोई खतरा नहीं है।
मनोहर लाल ने कहा कि पाकिस्तान के श्री ननकाना साहिब में सिखों पर अत्याचार किया जा रहा है। भारत अगर ऐसे सताए लोगों को नागरिकता देना चाहता है तो सभी दलों को सहयोग करना चाहिए। अगर कांग्रेस आंदोलन करना ही चाहती है तो उसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान के दूतावासों के सामने प्रदर्शन करना चाहिए।
पंजाब में शिरोमणि अकाली दल द्वारा मुसलमानों को भी नागरिकता देने की वकालत करने पर मनोहर लाल ने कहा कि पिछले पांच साल में 550 मुसलमान परिवारों को नागरिकता दी जा चुकी है। जो शरणार्थी पांच वर्ष तक देश में रहता है, उसे व्यवस्था अनुसार नागरिकता दी जाती है। अकाली दल के विरोध के बारे में उन्होंने कहा कि भाजपा शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह से इस मामले पर बात करेगी। कुछ राज्यों के चुनाव में भाजपा को हुए नुकसान संबंधी उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए नहीं लोगों की सेवा के लिए काम करती है।