हरियाणा सरकार और किसानों के बीच बातचीत विफल हो गई है। कई मांगें ऐसी हैं, जिन पर पेंच अड़ गया है। वहीं बैठक के बाद किसानों ने बड़ा ऐलान किया। सरकार को किसानों की कई मांगों पर ऐतराज हे। वहीं किसान भी सरकार के रवैये से नाखुश नजर आए। इसलिए अब वे सरकार के खिलाफ आंदोलन की शुरआत करेंगे।
आज सवेरे 10 बजे किसान मुख्यमंत्री खट्टर से बातचीत करने चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर पहुंचे। यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला और प्रदेश अध्यक्ष रतन मान की अगुवाई में पहुंचा 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बात करने पहुंचा था।
वहीं सरकार की ओर से मुख्यमंत्री खट्टर, कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन यह बातचीत विफल हो गई।
धनखड़ बोले, बिना विचार विमर्श किए मांगें स्वीकार नहीं
minister OP Dhankar
- फोटो : file photo
वहीं बैठक के बाद कृषि मंत्री धनखड़ ने कहा कि किसानों की कई मांगें हैं, जिन पर विचार किया जा सकता है। एक ही बार में बिना विचार किए मांगें नहीं मानी जा सकती है। सभी पहलुओं पर विचार करके, सभी की सहमति के बाद भी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा।
वैसे भी सरकार ने किसानों की दशा सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। सरकार से बातचीत के बाद किसानों ने ऐलान किया कि वे 9 अगस्त को करनाल से सरकार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
बता दें कि किसान स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने, फसल बीमा योजना का सरलीकरण करने, कर्ज माफी और किसान कर्ज मुक्ति आयोग और किसान पेंशन आयोग गठित करने की मांग कर रहे हैं।