एससी, बीसी उम्मीदवारों को मिलेगा पर्याप्त प्रतिनिधित्व
अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को यथासंभव पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। नियुक्त एसपीओ के पास एक सामान्य पुलिस अधिकारी के समान शक्तियां, विशेषाधिकार होंगे। वे समान कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के लिए उत्तरदायी रहेंगे। एसपीओ को नियुक्ति के समय दो वर्दियों के सेट, एक जोड़ी जूते, एसपीओ के प्रतीक चिह्न और टोपी, डोरी आदि के लिए एक मुश्त 3000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा।
बोर्ड साक्षात्कार के माध्यम से करेगा एसपीओ का चयन
सरकार ने पुलिस बल को और मजबूत करने और राज्य में होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए विशेष पुलिस अधिकारी भर्ती करने का फैसला लिया है। सरकार ने सिपाही के खाली पदों के विरुद्ध हरियाणा पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 21 के प्रावधानों के तहत भर्ती करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) का चयन एक बोर्ड साक्षात्कार के माध्यम से करेगा। बोर्ड में अध्यक्ष के रूप में जिला पुलिस अधीक्षक, संबंधित जिले के एक पुलिस उपाधीक्षक (संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा नामित) सदस्य होंगे। खेल मंत्री संदीप सिंह ने बैठक के बाद प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में 11 एजेंडे रखे गए। इस एजेंडा को पारित किया गया। विधानसभा सत्र बुलाने के लिए जल्दी राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता को अनुशंसा भेज दी जाएगी।
गृह पुलिस थानों में रहेंगे तैनात
चयनित एसपीओ को उनके गृह पुलिस थानों में तैनात नहीं किया जाएगा। जहां तक संभव हो, उन्हें उनके निवास स्थान के पास के पुलिस थानों में तैनात करने का ध्यान रखा जाएगा। जो अन्य जिले में तैनात होने के इच्छुक होंगे, उन्हें तैनात दी जाएगी। एसपीओ को चयन के बाद पुलिस विभाग की आवश्यकतानुसार 15 दिनों का कैप्सूल कोर्स पूरा करना होगा।
सिपाही के 11,664 पद खाली
वर्तमान में पुलिस विभाग में सिपाही के 11,664 पद खाली हैं। पुलिस विभाग, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से पुरुष सिपाही (सामान्य ड्यूटी) के 5000 पदों को सीधी भर्ती से भरने जा रहा है। एसपीओ की भर्ती निश्चित रूप से पुलिस बल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।