प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि सतलुज-यमुना लिंक नहर मुद्दे पर पंजाब विधानसभा में जमीन अधिग्रहण को रद्द किए जाने के लिए लाया जा रहा बिल भारतीय संविधान की धारा 356 के विरुद्ध है और यह भारत के संघीय ढांचे के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जब मामला सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है और एक दशक के बाद इस पर दिन-प्रतिदिन की सुनवाई आरंभ हुई है तो ऐसे में पंजाब सरकार के इस प्रकार के बिल लाने का कोई औचित्य नहीं है। धनखड़ शनिवार को हरियाणा निवास में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
एक प्रश्न के उत्तर में धनखड़ ने कहा कि अब बैठक में उपस्थित सभी नेता पंजाब के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी को ज्ञापन देने जा रहे हैं और वे उनसे अनुरोध करेंगे कि वे पंजाब सरकार को विधानसभा में ऐसा बिल न लाने के लिए हस्तक्षेप करें।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में धनखड़ ने कहा कि बैठक में जाट आरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और खाप प्रतिनिधियों के साथ कल चंडीगढ़ में बैठक बुलाई गई है। इस मुद्दे पर सरकार की मंशा स्पष्ट है और पहले ही हम यह कह चुके हैं कि बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर बिल लाया जाएगा। कोई भी इस मुद्दे पर अपने सुझाव दे सकता है, जिसे सरकार अपने बिल में शामिल कर सकती है।