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हरियाणा बजट: एसवाईएल के लिए रखे 100 करोड़, शुरू होंगी सिंचाई की नई परियोजनाएं

Sat, 29 Feb 2020 01:59 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम मनोहर लाल - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा सरकार ने सतलुज-यमुना लिंक नहर के निर्माण के लिए विशेष रूप से 2020-21 के बजट में 100 करोड़ रुपये का फिर प्रावधान किया है। वर्तमान बजट में सिंचाई व जल संसाधन विभाग के लिए 4960.48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें सूक्ष्म सिंचाई प्रौद्योगिकी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’-सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत, हरियाणा सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की चार परियोजनाएं तैयार की हैं, जिनका वित्त-पोषण नाबार्ड के सूक्ष्म सिंचाई कोष के तहत किया जाएगा। 

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मेवात क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने केएमपी एक्सप्रेसवे के सामानांतर बादली के पास गुरुग्राम वाटर सप्लाई चैनल से पाइपलाइन के माध्यम से गुरुग्राम नहर तक पानी पहुंचाने के लिए मेवात फीडर नहर के निर्माण करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 450 क्यूसिक की क्षमता वाली जीडब्ल्यूएस चैनल का पुनर्निर्माण ककरोई हेड से बादली तक किया जाएगा। उमरा माइनर तथा शादीपुर माइनर के पुनर्वास के लिए पांच करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से जलापूर्ति सुदृढ़ की जाएगी।

‘हर खेत को पानी’ के ध्येय को साकार करने के लिए जलमार्गों को पक्का करने की लंबाई को कृषि कमांड क्षेत्र के अनुरूप 24 फीट प्रति एकड़ से बढ़ाकर 40 फीट प्रति एकड़ करने का निर्णय लिया गया है। कच्चे जलमार्गों को पक्का करना एवं पुराने जलमार्गों का पुनर्वास नौ इंच मोटी दीवार द्वारा किया जाएगा, जिसके परिणाम-स्वरुप राज्य में सिंचाई सघनता में वृद्धि होगी। 

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पुनर्वास के लिए वर्तमान में 20 वर्ष की अवधि को जहां किसान चाहेंगे, कम करके15 वर्ष कर दिया जाएगा। 1828 एमएलडी की शोधन क्षमता वाले 207 एसटीपी से उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग करने के लिए 1098.25 करोड़ रुपये की लागत की एक परियोजना मंजूर की गई है। इससे यमुना नदी एवं घग्गर नदी में गिरने वाले गंदे पानी के बहाव को रोका जा सकेगा ।

नहरी पानी के भंडारण के लिए औसतन 10 फीट की गहराई वाले लगभग 160 टैंकों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी भंडारण क्षमता 16 मिलियन घन फुट होगी। इस प्रकार कुल प्रदेश में लगभग 80 हजार एकड़ भूमि पर सूक्ष्म सिंचाई की सुविधा शुरू की जाएगी।

विभिन्न नहरों पर रियल टाइम डिस्चार्ज डाटा प्राप्त करने के लिए चार करोड़ रुपये की लागत से स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक गेज लगाए जा रहे हैं। यह व्यवस्था आउट्लेटस से अतिरिक्त पानी के इस्तेमाल व चोरी का पता लगाने में सहायक होगी। इसके अलावा, स्मार्ट मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार किया जा रहा है, जिससे किसानों को नहरों के रोटेशनल प्रोग्राम तथा अंतिम छोर पर पानी की उपलब्धता के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

गैर-मानसून के दौरान 763.13 हेक्टेयर मीटर की शुद्ध जल भंडारण क्षमता के आदिबद्री बांध के निर्माण की एक परियोजना सरकार के विचाराधीन है। हरियाणा सरकार को समझौता ज्ञापन के तहत ऊपरी यमुना नदी बोर्ड को 458.42 करोड़ रुपये की प्रारम्भिक राशि 5 सालों में चरणबद्ध रूप में देनी है ताकि इन बांधों का निर्माण हो सके। 

तदनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 में 100 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव किया गया है। हरियाणा राज्य में आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की नहरों व नालों के जर्जर व पुराने पुलों के पुनर्वास व पुनर्निर्माण के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में 150 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव है ।
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