हरियाणा में सीएम पद पर नायब सिंह सैनी की नियुक्ति के बाद संगठन की कमान मोहन लाल बड़ौली को दिए जाने में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के सामने सिर्फ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की चली है।
वहीं, पार्टी ने मोहन लाल बड़ौली की नियुक्ति कर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। बड़ौली सोनीपत की राई विधानसभा सीट से विधायक हैं, जो जीटी बेल्ट पर ही स्थित है। जीटी बेल्ट भाजपा का गढ़ रहा है। इस बेल्ट में राज्य की 30 विधानसभा सीटे हैं। पिछली बार सरकार बनाने में जीटी बेल्ट से जीते भाजपा के विधायकों का अहम रोल रहा था। पिछली बार पार्टी ने इस बेल्ट से 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जीटी बेल्ट में स्थित निर्वाचन क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सीएम सैनी, सरकार के दूसरे नंबर के मंत्री कंवरपाल गुर्जर, पूर्व गृह मंत्री अनिल विज समेत कई अन्य दिग्गज शामिल हैं। ऐसे में पार्टी इस बार भी जीटी बेल्ट पर भरोसे है।
इस बेल्ट में आने वाले निर्वाचन क्षेत्रों में ज्यादातर वोटर गैर जाट हैं, जो पार्टी का कोर वोट रहा है। वहीं, पार्टी ने ब्राह्मण बिरादरी को कमान देकर दूसरी जातियों को भी साधने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि ब्राह्मण के साथ दूसरी जातियां भी पार्टी के साथ जुड़ सकती हैं। वहीं, सीएम व प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही सौम्य स्वभाव के रूप में जाने जाते हैं। इससे पार्टी में एकजुटता व बिखराव की संभावना कम रहती है।
पार्टी फिलहाल हारे लोगों पर ज्यादा भरोसा जता रही है। विधानसभा चुनाव हारे सुभाष बराला को राज्यसभा भेजा। वहीं, सिरसा से लोकसभा चुनाव हारे रणजीत चौटाला को अब भी बिजली मंत्री का पद बरकरार रखा है। वहीं, अब सोनीपत लोकसभा चुनाव हारे मोहन लाल बड़ौली को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।