12 करोड़ केंद्र देगा व आठ करोड़ राज्य सरकार खर्च करेगी। कोविड-19 के चलते इस परियोजना को सिरे चढ़ाने में कुछ देरी हुई। समझौते के तहत केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय तीन वर्ष तक विधानसभा के साथ-साथ आईटी सेल से जुड़े कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगा।
देश में हिमाचल प्रदेश ही एक ऐसा राज्य है जिसकी विधानसभा को कागज रहित कर ई-मोड पर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा के विधायकों, अधिकारियों का दल हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए एक व दो मार्च को शिमला अध्ययन दौरे पर जाएगा।
विधानसभा पुस्तकालय का भी होगा डिजिटलीकरण
गुप्ता ने कहा कि विधानसभा पुस्तकालय का भी डिजिटलीकरण किया जाएगा। विधानसभा की कार्यवाही के लिए बड़ी संख्या में प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, अध्यादेश, विधेयक व अन्य विधायी कार्य पूरा करने के लिए सत्र के दौरान भारी मात्रा में कागज का इस्तेमाल किया जाता है। अब इस समझौते के बाद कागज की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।
अधिकारियों की ली बैठक
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की अध्यक्षता में विधानसभा सचिवालय में केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और विधानसभा अधिकारियों की बैठक भी हुई। इसमें विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा और संसदीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यप्रकाश खटाना भी उपस्थित रहे। एमओयू के दौरान मुख्य सचिव विजय वर्धन ने भी मौजूदगी दर्ज कराई।