हरियाणा में जाट समुदाय की लंबे समय से चली आ रही आरक्षण की मांग को पूरा करते हुए हरियाणा विधानसभा के चालू सत्र में मंगलवार को हरियाणा पिछड़ा वर्ग (सेवाएं और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण) विधेयक, 2016 पारित कर दिया गया। जाटों के साथ ही पांच अन्य जातियों जट सिख, रोड़, बिश्नोई, त्यागी और मुल्ला जाट/मुस्लिम जाट को भी पिछड़ा वर्ग में आरक्षण की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही विधानसभा में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को वैधानिक दर्जा दिए जाने संबंधी विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई।
सदन में मंगलवार को कांग्रेस सदस्यों की अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ओर से पेश किए गए विधेयक को सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह विधेयक अब राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद कानूनी रूप ले लेगा। उसके बाद प्रदेश में जाटों समेत छह जातियों को आरक्षण का लाभ मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही यह विधेयक लाया गया है।
शून्यकाल आरंभ होते ही मुख्यमंत्री ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग (सेवाएं और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण) विधेयक, 2016 सदन पटल पर रखते हुए कहा कि सरकार ने इस विधेयक को पेश करते हुए पहले से आरक्षण का लाभ ले रही जातियों के हिस्से से कोई छेड़छाड़ नहीं की है, बल्कि सभी के लिए श्रेणी-एक व दो पदों की नौकरियों में आरक्षण में इजाफा किया गया है। पिछड़ा वर्ग के ब्लाक-सी के तहत जाटों व अन्य पांच जातियों को नौकरियों में 6 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा, जबकि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण लाभ मिलेगा, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए इन छह जातियों को 10 फीसदी आरक्षण लाभ मिलेगा।
नए विधेयक के अनुसार, पिछड़ा वर्ग के ब्लाक-ए में अब तक आरक्षण का लाभ ले रही 71 जातियों को क्लास-वन और टू के पदों पर नौकरियों में दिए जा रहे 10 फीसदी आरक्षण को बढ़ाकर 11 फीसदी कर दिया गया है, वहीं तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में इन सभी जातियों को पहले की तरह 16 प्रतिशत आरक्षण लाभ मिलता रहेगा। इन 71 जातियों को शैक्षणिक संस्थानों में भी पहले की भांति 16 फीसदी आरक्षण लाभ मिलता रहेगा। पिछड़ा वर्ग के ब्लाक-बी में शामिल छह जातियों को भी क्लास-वन और टू के पदों पर नौकरियों में अब 5 फीसदी की बजाय 6 फीसदी आरक्षण मिलेगा। हालांकि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में पहले की तरह 11 फीसदी आरक्षण लाभ मिलता रहेगा। इन जातियों को शैक्षणिक संस्थानों में पहले की तरह 11 फीसदी आरक्षण जारी रहेगा।
पिछड़ा वर्ग आरक्षण का प्रारूप
बीसी ए श्रेणी
पहली और दूसरी श्रेणी में - 11 प्रतिशत
तीसरी और चौथी श्रेणी में - 16 प्रतिशत
कुल जातियां - 71
(शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में 16 प्रतिशत आरक्षण)
बीसी-बी श्रेणी
पहली और दूसरी श्रेणी में - 6 प्रतिशत
तीसरी और चौथी श्रेणी में - 11 प्रतिशत
कुल जातियां - 6
(शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में 11 प्रतिशत आरक्षण)
बीसी सी श्रेणी
पहली और दूसरी श्रेणी में - 6 प्रतिशत
तीसरी और चौथी में - 10 प्रतिशत
कुल जातियां - 6
(शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में 10 प्रतिशत आरक्षण)