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114 करोड़ के गबन के दोषी पूर्व स्पीकर कादियान का पूरा प्रोफाइल देखिए

Sat, 27 Aug 2016 09:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
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विधानसभा के पूर्व स्पीकर और इनेलो नेता सतबीर कादियान - फोटो : अमर उजाला
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इफ्को घोटाले में हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान को सजा सुनाई गई है। कादियान लैंड मोरगेज बैंक नौकरी के दौरान इनेलो से जुड़े। वे पूर्व उप प्रधानमंत्री चौ. देवीलाल के बेहद नजदीकी थे। उन्होंने 1985 में इनेलो यूथ के जिलाध्यक्ष से अपना राजनीतिक कैरियर शुरू किया। उनकी इसके बाद चौटाला परिवार के साथ नजदीकी बढ़ती चली गई और रिश्तेदारी तक के संबंध हो गए।
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कादियान ने 1987 में नौल्था हलके से इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी प्रसन्नी देवी को हराया। कादियान 1991 में सतबीर सिंह मलिक को हराकर फिर से विधायक बने। इसके बाद उनको इफ्को का ऑल इंडिया का चेयरमैन बनाया। उस वक्त चौ. देवीलाल उप प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री थे।

कादियान ने 1996 में फिर से नौल्था हलके से चुनाव लड़ा, लेकिन वे बिजेंद्र सिंह बिल्लू से मात खा गए। बिजेंद्र सिंह बिल्लू को बंसीलाल की सरकार में पशुपाल मंत्री बनाया गया। इसी बीच बंसीलाल की सरकार गिर गई और 1999 में फिर से विधानसभा चुनाव हुए। सतबीर सिंह कादियान ने चुनाव लड़ा और नौल्था हलके से कांग्रेस की प्रसन्नी देवी को हराया। इसके बाद उन्हें हरियाणा विधानसभा का स्पीकर बनाया गया।
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कादियान को पानीपत ग्रामीण हलका नहीं आया रास

विधानसभा के पूर्व स्पीकर और इनेलो नेता सतबीर कादियान - फोटो : अमर उजाला
पूर्व स्पीकर कादियान को नौल्था हलके तोड़कर इसराना व पानीपत विधानसभा बनाने के बाद नया क्षेत्र रास नहीं आया। इनेलो ने 2005 में ही सतबीर सिंह कादियान का टिकट काट दिया और उनके स्थान पर रामरती जागलान को टिकट दिया गया।

इसके बाद 2009 के आम चुनाव में सतबीर सिंह कादियान को टिकट न देकर उनकी धर्मपत्नी बिमला कादियान को पानीपत ग्रामीण हलके से टिकट दिया गया, लेकिन बिमला जीत दर्ज नहीं कर सकी। 2014 के चुनाव में सतबीर सिंह कादियान को टिकट नहीं दी गई। हालांकि उनके पुत्र देवेंद्र सिंह कादियान भी चुनाव की पूरी तैयारी में थे।

यह है मामला  
सतबीर कादियान को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इफको के बजट से 1990 से 1992 के दौरान 114 करोड़ के गबन का दोषी पाया है। इनेलो सरकार ने 1989 से 1992 तक सतबीर कादियान को इफ्को का ऑल इंडिया चेयरमैन बनाया था। उसी दौरान 114 करोड़ का गबन इफ्को के बजट से किया गया था।

1993 में सीबीआई ने इस मामले में 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसमें सतबीर कादियान को मुख्य आरोपी बनाया गया था। पिछले 23 साल के दौरान इस मामले की सुनवाई के दौरान कई आरोपियों की मौत भी हो चुकी है। 20 साल पहले 1996 में इस मामले में सभी 25 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने अपनी चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
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सजा पर फैसला आते ही कोठी पर सन्नाटा

विधानसभा के पूर्व स्पीकर और इनेलो नेता सतबीर कादियान - फोटो : अमर उजाला
इनेलो के युवा जिलाध्यक्ष से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान को 114 करोड़ के घोटाल में सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद शुक्रवार को उनके सेक्टर11-12 स्थित कोठी पर सन्नाटा पसर गया। कोठी पर पहुंचे गिने चुने कार्यकर्ताओं व पार्टी नेताओं ने इसको राजनैतिक साजिश बताया है।

कादियान को सजा होने के बाद परिवार के सदस्य भी गम में डूबे हुए हैं। इफ्को में 114 करोड़ के रेट इंटरेस्ट मामले में मुख्य आरोपी सतबीर सिंह कादियान को कोर्ट द्वारा सजा सुनाते ही परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गई और माहौल गमगीन हो गया। सतबीर सिंह कादियान के नजदीकी पार्टी कार्यकर्ता भी कोठी पर पहुंचे और परिवार के लोगों को सांत्वना दी। 

इनेलो नेता जगदीश पहलवान ने बताया कि सतबीर कादियान को षड़यंत्र के तहत फंसाया गया है। वे पूरे मामले में निर्दोष हैं। परिवार को सांत्वना देने वालों में मुख्य रूप से हवासिंह, अजीत सिवाह, संजय निंबरी, रणधीर नंगला, विकास कुमार, रामकुमार व सूबे सिंह पहुंचे। जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता नदारद दिखे।

पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उनको इफ्को रेट इंटरेस्ट मामले में एक साजिश के तहत फंसाया गया है। भाजपा व दूसरे दल इनेलो के बढ़ते जनाधार को देखकर खुश नहीं है। पार्टी कार्यकर्ता व प्रदेश की जनता इसका हिसाब चुनाव में लेगी।
- शेर सिंह खर्ब, जिला प्रवक्ता, इनेलो
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