इसके अलावा, किसी मतदान क्षेत्र में चुनाव से पहले प्रतिबंध यानि मतदान होने से पहले 48 घंटे की अवधि के दौरान आमजन को आकर्षित करने की दृष्टि से म्यूजिक कॉन्सर्ट या थियेटर प्रोग्राम या अन्य मनोरंजक कार्यक्रम के माध्यम से किसी प्रकार का चुनावी प्रचार भी नहीं किया जा सकता।
इस समयावधि के दौरान लाउडस्पीकर के प्रयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, पोलिंग बूथ के 100 मीटर की परीधि में कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी अपना प्रचार नहीं कर सकती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा धारा 126 उपधारा (1) की उल्लंघना की जाती है तो उस व्यक्ति को 2 साल तक की सजा या जुर्माना लगया जा सकता है या दोनों ही सजाएं दी जा सकती है।
48 घंटे पहले छोड़ना होगा निर्वाचन क्षेत्र
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार सभी मंत्रियों, सांसद और राज्य विधानसभा के सदस्यों के अलावा अन्य राजनीतिक कार्यकरिणी को मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की समयावधि से पहले निर्वाचन क्षेत्र को जल्द से जल्द छोड़ना।
इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने जिला चुनाव प्रशासन व पुलिस प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि कल्याण मंडप व सामुदायिक केंद्र इत्यादि का निरीक्षण करें कि कोई बाहरी व्यक्ति इन परिसरों में न हो।
इसके अलावा गेस्ट हाउस और सरायों में रहने वालों की सूची पर भी निगरानी रखी जाए। निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं पर नाकाबंदी की जाए और बाहर से आने वाले वाहनों पर नजर रखी जाए। व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह की पहचान की जाए कि वह संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता है या नहीं।
हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को मतदान के दिन केवल एक ही गाड़ी के प्रयोग की अनुमति है। गाड़ी में ड्राइवर सहित 5 लोगों से ज्यादा के बैठने की अनुमति नहीं है और उम्मीदवार या उसके चुनावी एजेंट के उपयोग के लिए आवंटित वाहन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रयोग नहीं किया जाएगा।
उम्मीदवार का चुनावी एजेंट भी विधानसभा क्षेत्र में केवल एक गाड़ी का प्रयोग कर सकता है। इसके अलावा, उम्मीदवार का चुनावी एजेंट या कार्यकर्ताओं या पार्टी के कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक गाड़ी को प्रयोग करने की अनुमति है।
उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 (5) के तहत उम्मीदवार या उसके चुनावी एजेंट द्वारा मतदाताओं को पोलिंग स्टेशन तक लाने और वापस ले जाने के लिए वाहनों के प्रयोग या खरीद या किराये पर लेना एक भ्रष्ट आचरण माना जाएगा।
इसके अलावा, उम्मीदवार या उसके चुनावी एजेंट की सहमति के साथ किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भी ऐसा करना भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आएगा। अधिनियम में ऐसा किया जाना एक दंडनीय अपराध माना गया है, जिसके लिए धारा 133 के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है।