टिकट ना मिलने से बागी हुए भाजपा के तीन बड़े नेताओं को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इनमें विधायक प्रो. दिनेश कौशिक, पूंडरी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे रणधीर गोलन, गुहला-चीका से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे देवेंद्र हंस शामिल हैं।
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ने बताया कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के आदेशानुसार तीनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इनमें प्रो. दिनेश कौशिक, रणधीर गोलन व देवेंद्र हंस शामिल हैं।
चुनाव से कुछ माह पूर्व ही प्रो. दिनेश कौशिक ने भाजपा का दामन थामा था। उन्हें टिकट मिलने की पूरी आस थी। लेकिन भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसी प्रकार से पार्टी के नेता रणधीर गोलन पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें भी भाजपा की टिकट की आस थी। भाजपा ने टिकट वेदपाल एडवोकेट को दे दिया। जिस कारण रणधीर गोलन ने रोष स्वरुप पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ बतौर निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन भर दिया और चुनाव मैदान में डटे हुए हैं।
इसी प्रकार से गुहला हल्के में देवेंद्र हंस भी टिकट की दौड़ में थे। लेकिन भाजपा ने रवि तारांवाली को उम्मीदवार बनाया है। जिसके विरोध में देवेंद्र हंस ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करते हुए ताल ठोंकी हुई है। तीनों ही नेताओं के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।