हरियाणा में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों के वॉर रूम तैयार हो चुके हैं और सोशल मीडिया को हथियार बनाया जा रहा है। सभी प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद वॉर रूम के जरिए सभी राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों व पार्टियों के प्रचार और विपक्ष पर अटैक करने में जुट जाएंगे। इस सियासी वार में सभी राजनीतिक दल सोशल मीडिया को ही सशक्त हथियार बनाएंगे। इसके लिए पार्टी स्तर के साथ-साथ घोषित हो चुके प्रत्याशियों ने अपनी टीमें भी गठित की हैं। जिन्होंने प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार की कमान संभाल ली है।
पार्टी स्तर पर सोशल मीडिया की जिम्मेवारी संभालने वाली टीमें जहां अपने प्रतिद्वंदियों खासकर भाजपा सरकार की नीतियों पर निशाना साध रही हैं, वहीं अपनी पार्टी की नीतियों और वादों का प्रचार भी कर रही है। जबकि भाजपा सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल की सफलताओं और भावी संकल्पों का प्रचार सोशल मीडिया पर कर रही है। इसके अलावा घोषित हो चुके प्रत्याशी खासकर मौजूदा विधायक व पूर्व विधायक अपनी सोशल मीडिया टीमों के जरिए अपने हलकों में विकास कार्यों का प्रचार कर रहे हैं।
ये प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंदियों पर हमला बोलने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। पार्टी और प्रत्याशियों के इस सोशल मीडिया प्रचार के मद्देनजर चुनाव आयोग भी पूरी तरह मुस्तैद है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. इंद्रजीत सिह के अनुसार हर जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में ऐसी टीमें गठित की गईं है, जो इलाके में प्रत्याशियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नजर रखेगी। प्रचार के दौरान कोई आपत्तिजनक पोस्ट न हो या बल्क में कोई मैसेज वायरल न हो, इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा।