हरियाणा में भाजपा की इस डर से दूसरी सूची लटकी है। पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। उधर, जजपा को उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। पार्टी को कांग्रेस-भाजपा की दूसरी सूची का इंतजार है।
बगावत के डर से भाजपा की दूसरी सूची लटक गई है। पहली सूची जारी होने के तीन दिन बाद भी दूसरी सूची जारी नहीं हो सकी है। पहली सूची के बाद जिस तरह से नेताओं ने बगावती तेवर अपनाए हैं, उससे शीर्ष नेतृत्व को फूंक-फूंककर कदम रखने को मजबूर कर दिया है। पार्टी फिलहाल 23 सीटों पर बहुत सोच-विचार कर उम्मीदवारों का एलान करेगी।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि दो दिन बाद सूची जारी हो सकती है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मंथन कर रहा है। भाजपा ने बीते बुधवार 67 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। 23 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान करना बाकी है।
राज्य की कुछ ऐसी सीटें, जिन पर उम्मीदवारों की घोषणा से पहले ही बगावत के संकेत मिलने लगे हैं। फरीदाबाद की एनआईटी सीट पर अभी से घमासान मचा हुआ है। पूर्व विधायक नागेंद्र भड़ाना ने आरोप लगाया कि एक बड़े मंत्री ने पुत्र मोह की चाहत में एनआईटी की सीट से उम्मीदवार की घोषणा रुकवा दी है। वहीं, महेंद्रगढ़ सीट से भी भाजपा ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता राम विलास शर्मा ने समर्थकों की बैठक बुलाकर संकेत दे दिए हैं कि टिकट उन्हें ही मिलने वाला है। उधर, बड़खल से शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा व बावल से जनस्वास्थ्य मंत्री डा. बनवारी लाल पर भी टिकट कटने की तलवार लटक रही है। मेवात बेल्ट की तीनों सीटें भी होल्ड है।
जजपा को नहीं मिल रहे उम्मीदवार, कांग्रेस-भाजपा की दूसरी सूची का इंतजार
मजबूत दावेदारों को तलाश रही जननायक जनता पार्टी (जजपा) भाजपा व कांग्रेस की सूचियों के इंतजार में है। सूत्रों की माने सभी 90 सीटों पर जजपा गठबंधन को मजबूत उम्मीदवार नहीं मिल रहे है, ऐसे में वे बागियों को अपनी चाबी देकर चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। 2019 विधानसभा चुनाव में गठित जजपा 10 विधायकों के साथ किंगमेकर बनी थी।
भाजपा के साथ सरकार बनाकर दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री भी बने थे। साढ़े चार वर्ष बाद गठबंधन टूट गया। अब तक पार्टी छोड़कर सात विधायक दूसरी पार्टियों में जा चुके है। जजपा छोड़कर जाने वालों में विधायक अनूप धानक, देवेंद्र बबली व रामकुमार गौतम और नेता पवन खरखौदा और नेता संजय कपिलाना को भाजपा टिकट दे चुका है। कांग्रेस में जाने वाले विधायक रामकरण काला को भी कांग्रेस ने टिकट दिया है।
भाजपा ने अपनी पहली सूची में 67 उम्मीदवार उतारे है जबकि कांग्रेस ने 32 उम्मीदवार उतारे है। दूसरी ओर जजपा-एएसपी गठबंधन ने पहली सूची में उन 19 नेताओं को शामिल किया है, जिनका लड़ना तय था। इसमें चार एएसपी के उम्मीदवार भी है।
भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के करीब दो दर्जन से अधिक नेता जजपा के संपर्क में लगातार बने हुए हैं। उन नेताओं का फीडबैक लेने के साथ पार्टी उनके सीट पर भी मंथन कर चुकी है।
हमने पहली सूची जारी कर दूसरी सूची की तैयारी कर ली है। जजपा के लगभग उम्मीदवार तय है। कुछ नेताओं को जल्द पार्टी में शामिल करके टिकट भी घोषित कर दिया जाएगा।-दीपकमल, प्रवक्ता, जजपा।