हरियाणा के आठ लाख यूथ मतदाता विधानसभा में प्रतिनिधि भेजने के लिए पहली बार मताधिकार का प्रयोग करेंगे। ये आठ लाख मतदाता 18 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। पिछले पांच साल के दौरान मतदाताओं की तादाद लगभग 21 फीसदी बढ़ी है। 1967 में राज्य गठन के दौरान प्रदेश में कुल 43.87 लाख मतदाता थे।
इस तरह पिछले 47 वर्षों के दौरान यहां मतदाताओं की संख्या में लगभग चार गुना तक इजाफा हुआ है। विधानसभा के चुनावी महासमर में कुल 1.60 करोड़ मतदाता चुनाव मैदान में उतरने जा रहे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। वर्ष 2009 के चुनाव में 1.31 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
इन पांच सालों में प्रदेश में 29.80 लाख मतदाता बढ़ गए। माना जा रहा है हरियाणा में शहरीकरण बढ़ने के साथ ही यहां आबादी का घनत्व भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी केचलते राज्य में मतदाताओं की संख्या में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।
कुल आबादी के 5 फीसदी वोटर 18-19 साल के
प्रदेश के निर्वाचन आयोग का मानना है कि मतदाताओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी से इस बार यहां मतदान का अनुपात भी पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर हो सकता है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वलगड के मुताबिक हरियाणा में नए मतदाताओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी में उन युवा मतदाताओं का भी खासा योगदान है।
जो पहली दफा विधानसभा चुनाव में अपने मतदान का उपयोग करने वाले हैं। पांच साल में मतदाताओं की संख्या में हुई 29.80 लाख की बढ़ोतरी में आठ लाख वे युवा मतदाता भी शामिल हैं।
जो राज्य विधानसभा चुनाव में पहली दफा अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। राज्य में मौजूदा समय कुल आबादी में 18 से 19 वर्ष की आयु वाले मतदाताओं का औसत लगभग 5 फीसदी के करीब है जबकि इससे ऊपर की आयु वाले मतदाताओं का औसत 64 फीसदी से अधिक है।
महिला मतदाताओं की संख्या 73.80 लाख
इस चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 1.60 करोड़ तक पहुंच गयी है। इसमें 87.16 लाख पुरुष और 73.80 लाख महिला मतदाता हैं। जबकि वर्ष 2009 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में कुल मतदाताओं की संख्या 1.31 करोड़ थी। इनमें 71.49 लाख पुरुष और 59.67 लाख महिला मतदाता थीं।
राज्य गठन के समय थे मात्र 43.87 लाख मतदाता पंजाब से अलग होने के बाद जब 1967 में जब हरियाणा राज्य का गठन हुआ तब प्रदेश में कुल 43.87 लाख मतदाता थे। इनमें 23.30 लाख मतदाता पुरुष और 20.57 महिला मतदाता थीं।