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विस सेशनः इस बार बदला नजारा, सरकार के लिए अपनों ने ही खड़ी कीं मुश्किलें

Thu, 02 Mar 2017 10:26 AM IST
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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राज्यपाल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र का आगाज - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा की खट्टर सरकार के लिए विधानसभा में नजारा इस बार बदला हुआ है। इस बार अपने ही मुश्किल खड़ी कर रहे हैं। विपक्ष से लोहा लेने में सरकार को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। यहां तक कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और मंत्रियों को भाजपा विधायकों का पूर्व की तरह खुला समर्थन सदन में नहीं मिल पा रहा है। इसका उदाहरण जाट आंदोलन के काम रोको प्रस्ताव पर सीएम के जवाब देने के दौरान दिखा।
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विपक्ष ने हो-हल्ला कर उन्हें तीन बार बैठने के लिए विवश कर दिया। भाजपा विधायकों के हावभाव भी बदले हुए हैं। जहां वे इनेलो और कांग्रेस के सरकार पर हमलावर होने की स्थिति में पार्टी का बचाव नहीं कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रश्नकाल में तीखे सवाल और अनुपूरक प्रश्न पूछकर भी परेशानी बढ़ाने में लगे हुए हैं। दक्षिणी हरियाणा के विधायक तो सरकारी की नीतियों और काम न होने से खफा थे ही, अब उन्होंने हाईवे बेल्ट के साथ ही अन्य विधायकों को भी अपने साथ मिला लिया है। इससे सरकार सदन में कुछ असहज दिखाई दे रही है।

चूंकि ढाई साल के कार्यकाल में हुए सत्रों के दौरान सरकार की ढाल बनते रहे भाजपा विधायक उमेश अग्रवाल, असीम गोयल, रणधीर कापड़ीवास, पवन सैनी, मूल चंद शर्मा, महिपाल ढांडा, मूल चंद शर्मा, टेक चंद शर्मा इत्यादि इस बार लगभग चुप्पी ही साधे हुए हैं। उनके पुराने तेवर गायब हैं। यही कारण है कि भाजपा सदन में एकजुट नहीं दिख रही है।
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इस तरह से सवाल पूछे विधायकों ने

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही कालका की विधायक लतिका शर्मा व लाडवा के विधायक पवन सैणी ने बुधवार को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में सीएम की पूर्व में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणाओं पर अब तक अमल न होने को लेकर मुखर दिखे।

दोनों ने सरकार से पूछा कि मानक पूरे होने के बावजूद घोषणा अधूरी क्यों हैं। इस पर रामबिलास शर्मा ने बीच-बचाव कर पवन सैनी को शांत कराया। उमेश अग्रवाल ने पूर्व सरकार के समय दस साल में जारी सीएलयू को लेकर सवाल पूछा था और इसे लेकर वे वर्तमान सरकार को घेरने वाले थे, लेकिन प्रश्नकाल में उनकी अनुपस्थिति पर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

हालांकि सरकार ने उन्हें लिखित जवाब दे दिया है कि 2005 से 2014 तक 1235 सीएलयू लाइसेंस दिए गए हैं और इनका 12 हजार 857 करोड़ का बाह विकास शुल्क लंबित है। नांगल चौधरी के विधायक अभय यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में महेंद्रगढ़ जिले के साथ ज्यादती हो रही है।
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