जूनियर महिला आईएएस अधिकारी के यौन शोषण का मामला राज्य महिला आयोग में पहुंच गया है, लेकिन आरोपी आईएएस नहीं आए। आयोग ने सोमवार सुबह शिकायतकर्ता महिला आईएएस और सीनियर आईएएस अधिकारी को समन कर दोपहर बाद दो बजे के लिए तलब किया। शिकायतकर्ता ने लगभग सवा दो बजे महिला आयोग पहुंचकर विस्तृत रूप से अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। आरोप झेल रहे सीनियर आईएएस अधिकारी सुनील गुलाटी आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए। उन्होंने तीन दिन का समय बयान दर्ज कराने के लिए मांगा है। जो उन्हें दे दिया गया।
तीन दिन बाद उन्हें आयोग के समक्ष उपस्थित होना ही होगा। शिकायतकर्ता ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व केशनी आनंद अरोड़ा पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। इसलिए उन्होंने भी आयोग के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। महिला आयोग ने शिकायतकर्ता और अरोड़ा को एक साथ बैठाकर बयान दर्ज किए। इस पर शिकायतकर्ता आईएएस ने आपत्ति जताई है। शिकायतकर्ता ने बयान दर्ज कराने के बाद सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में उन पर बेहद ज्यादा दबाव है, इसलिए सीबीआई ही इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सकती है।
आरोप बेहद गंभीर, जवाब देने के लिए चाहिए समय
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलाटी के दोपहर बाद चार बजे महिला आयोग के समक्ष पेश होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन उन्होंने आयोग को ई-मेल भेजकर सोमवार को पेश होने में असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि मुझ पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं, इनका जवाब देने के लिए मुझे कम से कम 3 दिन का समय दिया जाए।
मुख्य सचिव व पुलिस को भी दी शिकायत
शिकायतकर्ता महिला आईएएस ने बताया कि उन्होंने आयोग के सामने अपना पक्ष रख दिया है। सारे सवालों के जवाब दे दिए। पुलिस और मुख्य सचिव को भी ईमेल के जरिये अपनी शिकायत भेजी है। वह कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेती रही हैं और इस मामले में भी ऐसा ही करेंगी। आयोग ने कहा है कि उन्हें दोबारा बुलाया जा सकता है। बीते तीन साल में जो मामले हुए हैं, उनका सबका जिक्र आयोग के समक्ष किया है। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि मेरे साथ होने वाली घटना एक नहीं है कई वारदात हुई हैं।
आज उच्च अधिकारी मेरा यौन शोषण कर रहे हैं। मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा को भी उनके साथ बयान करने के लिए बैठाया गया। उच्च अधिकारी ने उन्हें बीच-बीच में बोलने नहीं दिया व टोकाटाकी की। मुझे नोटिस में भी नहीं बताया गया था कि सुनवाई के दौरान महिला उच्च अधिकारी मौजूद रहेंगी।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद लेंगे फैसला
महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने कहा कि मामले में शिकायतकर्ता से कई सवाल पूछे हैं। आईएएस केशनी आनंद अरोड़ा के खिलाफ भी शिकायत थी, इसीलिए उन्हें बुलाया था। अरोड़ा ने अपनी बात रखीं, शिकायतकर्ता को बोलने से नहीं रोका। आरोप झेल रहे आईएएस ने तीन दिन का समय मांगा है। समय दे दिया है, अगली सुनवाई पर उन्हें आना ही होगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला लेंगे।
केस ही नहीं पता, कैसे बना सकती हूं दबाव : अरोड़ा
आईएएस केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि वह शिकायतकर्ता आईएएस की कंट्रोलिंग अथॉरिटी नहीं हैं। उन्हें पूरे केस के बारे में जब शिकायतकर्ता ने बताया ही नहीं तो वह कैसे दबाव बना सकती हैं। अपने बयान आयोग के समक्ष दर्ज करा दिए हैं।