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महिला आईएएस के यौन शोषण के आरोपों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दी सफाई, बोले...

Tue, 12 Jun 2018 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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आईएएस सुनील गुलाटी
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महिला आईएएस द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलाटी ने सफाई देते हुए अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि महिला अफसर ने जो आरोप लगाए हैं, वे निराधार हैं। वे एक महिला पहले ही आई थीं। अपने स्टाफ को ट्रनिंग देना मेरी ड्यूटी है।
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मुझे पता चला था कि उन्हें कुछ समस्या आ रही है तो मैंने स्टाफ से उनका ध्यान रखने को कहा था, लेकिन महिला अफसर ने स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया। ये उनके ऊपर है कि वे काम सीखना चाहती हैं या नहीं। अगर उन्हें समस्या हो रही है तो बताएं, सरकार उन्हें ट्रांसफर कर सकती है। मैं जांच के लिए तैयार हूं, लाई डिटेक्शन टेस्ट के लिए भी तैयार हूं। मामला क्लीयर होना चाहिए।
 


 


 
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महिला आईएएस अधिकारी का फेसबुक वॉल पर पोस्ट

FACEBOOK - फोटो : SELF
नमस्कार।
मैं आप सभी को मेरे हो रहे यौन शोषण के बारे में सूचित करना चाहती हूं। मैंने दिनांक 09 मई 2018 से अतिरिक्त सचिव पद पर हरियाणा सरकार में चंडीगढ़ में कार्यभार ग्रहण किया था। विभाग में मेरे उच्च अधिकारी सीनियर आईएएस हैं। मेरे उच्च अधिकारी एवं उनके साथियों द्वारा मेरा यौन शोषण किया जा रहा है। मैं आपके साथ कुछ पत्र साझा कर रही हूं, जो मैंने माननीय राष्ट्रपति महोदय भारत गणराज्य कार्यालय की सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध ईमेल व माननीय भारत सरकार कार्यालय की सरकारी वेबसाइट मेरी सरकार पर उपलब्ध ईमेल पर विभिन्न तिथियों पर भेजे हैं।

सीनियर आईएएस ने 22 मई 2018 को मुझे अपने कार्यालय के कमरे में दोपहर को बुलाया और मुझसे पूछा कि तुम्हारा मोबाइल कहां है। मोबाइल मेरे बैग में था। इसके बाद एसीएस ने मुझे धमकाया और मुझसे कहा, देखो मैं तुम्हें समझा रहा हूं, अगर एक बार में समझ जाओगी तो तुम्हारे लिए अच्छा होगा, नहीं तो सारी नौकरी में परेशानी रहेगी। तुम फाइलों पर ये सब क्यों साफ-साफ लिखती हो विभाग ने क्या-क्या गलत किया है। जो तुम फाइल पर लिखती हो उसे मैं हमेशा रद्द कर सकता हूं, लेकिन तुम्हें इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। मैं तुम्हारी धज्जियां उड़ा दूंगा।

अगर तुम फाइलों पर नोटिंग पर टिप्पणी लिखना बंद नहीं करोगी, तो मैं तुम्हारे खिलाफ शिकायत कर दूंगा, और अगर मैं तुम्हारे खिलाफ शिकायत कर दूंगा, तो तुम्हें परेशानी हो जाएगी। मैं दो महीने में तुम्हारा इस विभाग से तबादला करवा दूंगा। तुम फाइलों पर जो लिखती हो वह सब पूरी तरह बकवास है। अगर तुमने फाइलों पर टिप्पणी लिखनी बंद नहीं कीं तो सारी नौकरी में तुम्हें बाधा डालने वाली का तमगा मिल जाएगा।

-18 मई 2018 को एसीएस ने मुझे अपने कार्यालय कमरे में सायं 5 बजकर 40 मिनट पर बुलाया और रात 7.30 बजे तक मुझे अपने कमरे में बैठाए रखा।
- 21 मई 2018 को एसीएस ने मुझे अपने कार्यालय कमरे में सायं 5 बजे पर बुलाया और रात 8 बजे तक मुझे अपने कमरे में बैठाए रखा।
-31 मई 2018 को एसीएस ने मुझे अपने कार्यालय कमरे में दोपहर में बुलाया और अपने स्टाफ को निर्देश दिए कि किसी अन्य व्यक्ति को कमरे के अंदर न आने दें। उन्होंने

मुझसे पूछा कि मुझे बताओ कि तुम किस तरह का काम करना चाहती हो, तुम टाइमपास का कार्य करना चाहती हो या तुम कार्यालय का काम करना चाहती हो। मैं तुम्हें वही काम दूंगा जो तुम करना पसंद करोगी। उन्होंने मुझे धमकाया कि फाइलों पर नोटिंग पर तुम कोई टिप्पणी नहीं लिखा करो और तुम सिर्फ अपने हस्ताक्षर किया करो। अगर तुम फाइलों पर नोटिंग पर टिप्पणी लिखोगी तो मैं तुम्हारी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट खराब लिख दूंगा।

एसीएस ने मुझे धमकाया कि ऐसे टिप्पणी फाइलों की नोटिंग पर लिखोगी तो कोई तुम्हें उल्टा टांग देगा, तुम्हारी मंजी ठोक देगा। हम लोग माफी नहीं देते हैं। मैं तुम्हारी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट ठोक दूंगा। मैं अभी तुम्हें मौखिक तौर पर कह रहा हूं। मैं तुम्हारी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में लिखकर तुम्हारी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट खराब कर दूंगा। कितनी मेहनत करके तुम आईएएस बनी हो, सब खराब हो जाएगा।

-एसीएस ने मुझसे कहा, जब कोई नई दुल्हन आती है घर में तो उसे समझाना पड़ता है, मैं तुम्हें समझा रहा हूं।
-आईएएस का व्यवहार बहुत ही अमर्यादित एवं अनैतिक है।

-06 जून 2018 को एसीएस ने मुझे अपने कार्यालय कमरे में सायं 5 बजे बुलाया और रात 7.39  बजे तक मुझे अपने कार्यालय कमरे में बैठाए रखा। मैं उनके सामने मेज के दूसरे ओर पर बैठी हुई थी। उन्होंने मुझसे कहा कि उठकर मेरी कुर्सी के नजदीक आओ। मैं उठकर मेज के दूसरी तरफ पहुंची तो वह मुझे कंप्यूटर चलाना सिखाने का बहाना करने लगे। मैं बहुत जल्दी कर अपनी कुर्सी पर वापस पहुंची। थोड़ी देर बाद एसीएस ने मुझसे कहा, तुम्हारे पास सरकारी गाड़ी है, शनिवार को उठो और घूम फिर आया करो। थोड़ी देर बाद वह अपनी कुर्सी से खड़े हुए और कोई कागज ढूंढने का बहाना करते हुए मेरी कुर्सी के बिल्कुल करीब आ गए और मेरी कुर्सी को हाथ से धक्का मारा। थोड़ी देर बाद किसी को मेरे सामने ही यू ब्लडी अपशब्द बोलकर बात करने लगे।

-एसीएस एवं उनके साथी मुझे धमका रहे हैं तथा मेरा शोषण कर रहे हैं क्योंकि मैंने अपने शोषण के विरुद्ध शिकायत की एवं माननीय न्यायालय में बयान दिए।
-एक अन्य महिला अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मुझे मौखिक आदेश दिए कि मैं कोई भी शिकायत लिखित में दर्ज न कराऊं।
-09 मई 2018 से मेरी पुलिस सुरक्षा हटा दी गई है। इसके बारे मैं माननीय उच्च अधिकारियों को एवं माननीय डीजीपी महोदय हरियाणा पुलिस को भी सूचित कर चुकी हूं।

-एसीएस ने मुझे आदेश दिए हैं कि वह जिला रोहतक हरियाणा में रविवार 10 जून 2018 को एक मीटिंग करेंगे, जिसमें मेरा आना अनिवार्य है। मीटिंग में एसीएस दोपहर 2.45 से सायं 5 बजे तक अपने व्यक्तिगत विचार सुनाएंगे। जीवन व कार्यक्षेत्र का लक्ष्य एक कैसे हो। सांय 5 बजे के बाद मुझे बिना किसी सुरक्षाकर्मी के रोहतक से चंडीगढ़ पहुंचना होगा, जिसमें रात के 10 या 11 बज जाने की संभावना है। मुझे अंदेशा है कि एसीएस एवं उनके साथी रात के समय मुझ पर हमला कर सकते हैं।

- मैं बार-बार उपरोक्त पत्रों में निवेदन कर रही हूं कि मेरे विभाग के एसीएस के कार्यालय कमरे के सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग की जांच की जाए तथा मुझे उपयुक्त सुरक्षा प्रदान की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो।
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