नवजोत सिंह सिद्धू के एक ट्वीट ने पंजाब की सियासत में हलचल तेज कर दी है। चंडीगढ़ से दिल्ली तक राजनीतिक दल कयासबाजी में जुटे हैं। पिछले लगभग एक महीने से पंजाब कांग्रेस कलह से जूझ रही है। नवजोत सिंह सिद्धू ने सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरुद्ध मोर्चा खोला। पहले वह कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर सरकार पर हमलावर थे।
इसके बाद उन्होंने राज्य के बिजली संकट को कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अपना हथियार बनाया। बिजली संकट थमते ही सिद्धू ने आम आदमी पार्टी की शान में खूब कसीदे पढ़े तो इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे। कांग्रेस हाईकमान भी इस मामले में सक्रिय हो गया है। पंजाब के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने सिद्धू के अंदाज की बात कही।
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मेरे विजन और पंजाब के लिए काम को आम आदमी पार्टी ने हमेशा पहचाना है। फिर चाहे वह 2017 से पहले की बात हो, ड्रग्स, किसानों के मुद्दे, भ्रष्टाचार हो या बिजली संकट का सामना। सिद्धू ने कहा कि आज जब मैं पंजाब मॉडल पेश कर रहा हूं तो यह स्पष्ट है कि वे जानते हैं कि वास्तव में पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है।
सिद्धू ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अगर विपक्ष मुझसे सवाल पूछने की हिम्मत करता है तो वह भी मेरे जन समर्थक एजेंडे से नहीं बच सकता। उन्होंने आगे लिखा कि अब विपक्ष उनके और उनके जैसे बाकी वफादार कांग्रेसियों के बारे में गा रहा है- तुम अगर आप में आओगे तो कोई बात नहीं... तुम अगर कांग्रेस में रहोगे तो मुश्किल होगी।
सिद्धू पर क्या बोले हरीश रावत
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो कहा जा रहा है, उस पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकता... सिद्धू जी का अपना अंदाज है। कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू दोनों ने कहा है कि वे पार्टी नेतृत्व के निर्णय को स्वीकार करने को तैयार हैं।