आने वाली पीढ़ी त्याग-बलिदान से प्रेरणा ले: हुड्डा
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज पूरा देश गुरु तेग बहादुर जी का प्रकाश उत्सव मना रहा है। ये हमारे लिए गर्व की बात है। उनके बलिदान की वजह से ही आज हिंदुस्तान है, इसलिए उन्हें हिंद की चादर कहा जाता है। श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान एवं त्याग को हमें भूलना नहीं चाहिए और आने वाली पीढ़ियों को उनके इससे शिक्षा लेनी चाहिए।
गुरु के बिना कोई काम सफल नहीं होता है: खेल मंत्री
प्रदेश के खेलमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि गुरु के बिना कोई काम सफल नहीं होता है। ये गुरु साहिब का ही काम है। यह 400वां प्रकाश पर्व है। यही कारण है कि सभी एकजुट होकर सेवा भाव से लगे हुए हैं। श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर समाज के सभी वर्गों ने एकता का परिचय दिया है। भारत सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर 400 रुपये के सिक्के और स्टांप जारी किए हैं, यह सिख समाज के लिए गर्व की बात है।
गुरु की कुर्बानी का पूरा देश कर्जदार: सांसद
सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि हर व्यक्ति के अलग-अलग शौक होते हैं। मुझे श्री गुरु तेग बहादुर जी के भजन सुनने का शौक है। हम गुरु के बलिदान को कभी नहीं भूल पाएंगे, जो कुर्बानी उन्होंने दी है, उसका पूरा देश कर्जदार है। वाहे गुरु मेहरा वालिया.... हौसला बनाए रखी... सच्चे बादशाह के भजन सुनाए।
सौभाग्य है कि प्रकाश उत्सव मनाने का मौका मिला: शिक्षा मंत्री
शिक्षामंत्री कृष्ण पाल गुज्जर ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि जीवन के लिए सौभाग्य की बात है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश उत्सव मनाने का मौका मिला है। परमात्मा के शुक्रगुजार हैं। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता के लिए अपना सबकुछ बलिदान कर दिया। तभी पूरा देश उन्हें हिंद की चादर मानता है।
आज तक नहीं देखा ऐसा समागम: बिजली मंत्री
बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि आज तक मैंने अपने जीवन में ऐसा धार्मिक समागम नहीं देखा था। इसमें शामिल होकर गर्व महसूस हो रहा है। श्री गुरु तेग बहादुर के बलिदान की जानकारी सभी को होनी चाहिए। उनके बलिदान की बदौलत ही आज देश कायम है।