पिछले साल अगस्त माह में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने जिस दुष्कर्म मामले में डेरामुखी को 10-10 साल की कड़ी सजा सुनाई थी। उस मामले में एक पीड़िता फतेहाबाद जिले की ही बताई गई है। पीड़िता पहले डेरा मुख्यालय में साध्वी के तौर पर ही रहती थी।
बाद में उसके व एक अन्य साध्वी द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के बाद ही डेरामुखी के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू हुई और सालों की अदालती कार्यवाही के बाद पिछले साल अगस्त में सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को दस-दस साल की सजा सुना डाली। इस फैसले के बाद पंचकूला समेत पूरे प्रदेश में तनाव फैल गया था।
तीसरा कनेक्शन : साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में शिकायतकर्ता टोहाना का रहने वाला
डेरामुखी के खिलाफ फतेहाबाद जिले का एक और कनेक्शन भी शायद उस पर भारी पड़ सकता है। डेरामुखी पर डेरा सच्चा सौदा में 400 साधुओं को नपुंसक बनाने का आरोप है। राम रहीम पर ये सनसनीखेज आरोप लगाने वाला शिकायतकर्ता हंसराज हकीकी फतेहाबाद जिले के टोहाना का रहने वाला है।
यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन शिकायतकर्ता हंसराज हकीकी को उम्मीद है कि जिस तरह से पहले दो मामलों में डेरामुखी कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सका, उसी तरह उसके लगाए आरोप भी कोर्ट में सच साबित होंगे और इस मामले में भी डेरामुखी को सजा सुनाई जाएगी।